रतनमणी डोभाल
हरिद्वार। सिंचार्ड विभाग हरिद्वार में कर्मचारियों का टोटा होने से काम प्राय: ठप हो गया है। राजस्व खंड में जिलेदार का पद रिक्त है। सींचपाल, सींच पर्यवेक्षक तथा राजस्व सहायक के पद भी खाली हैं।
जिलेदार की रिपोर्ट पर राजस्व तथा संपत्तियों के अभिलेख तैयार किए जाते हैं। सिंचाई विभाग की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण तथा मुआवजा संबंधी पत्रावलियां भी जिलेदार ही उच्चाधिकारियों को पहुंचाता है। यह पद रिक्त होेने से काम प्रभावित हो रहा है। वहीं सींच पर्यवेक्षक का पद रिक्त होने से
सींच दर्ज नहीं होने से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है। सींचपाल व सींच पर्यवेक्षक नहीं होने से नहरों से संबंधित काम भी नहीं हो पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड को मिली नहरों के संचालन तथा देखरेख करने वाला स्टाफ नहीं होने से वह लावारिस पड़ी हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर सिंचाई विभाग की जमीनों पर अतिक्रमण का चिह्नीकरण कर उन्हें हटाने का काम भी कर्मचारियों की कमी से नहीं होे पा रहा है। इस स्थिति से परेशान विभाग के उप राजस्व अधिकारी एनएस कुंडरा भी लंबे मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं। उनका कहना है कि जब उनके पास स्टाफ ही नहीं है तो काम किससे कराया जाएगा। जिन दो सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मई माह से सहयोग के लिए रखा गया था, उन्हें चार महीने से पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है, इसलिए वह भी काम करने को तैयार नहीं है।
उप राजस्व अधिकारी एनएस कुंडरा ने अवकाश पर जाने से पहले शनिवार को बताया कि राजस्व खंड हरिद्वार में सींचपाल के आठ पद स्वीकृत हैं। उत्तर प्रदेश से नहरों के मिलने के बाद 12 सींचपालों की जरूरत है, परंतु एक ही सींचपाल है। सींच पर्यवेक्षक के तीन पद स्वीकृत हैं जबकि पांच होने चाहिए। वर्तमान में एक ही कार्यरत हैं। जिलेदार के हरिद्वार व रुड़की के जिलेदारों के पद भी रिक्त हैं। राजस्व सहायक के भी दोनों पद खाली हैं। रुड़की में भी ऐसी ही स्थिति है।
सिंचाई विभाग में कर्मचारियों की कमी के बारे में प्रमुख अभियंता को अवगत कराया जा चुका है। उनसे कर्मचारी नियुक्त करने के लिए अनुरोध किया गया है। जल्दी समस्या का निराकरण होने की उम्मीद है। - आरके तिवारी अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्य मंडल हरिद्वार
एससी ने डीआरओ के पर कुतरे
हरिद्वार। सिंचाई कार्य मंडल हरिद्वार के अधीक्षण अभियंता आरके तिवारी ने अपने पूर्ववर्ती अधिकारी के आदेश को पलटते हुए उप राजस्व अधिकारी(डीआरओ) एनएस कुंडरा के पर कुतर दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि सहायक अभियंताओं के दबाव में एससी ने सिंचाई विभाग की परियोजनाओं से संबंधी भूमि अधिग्रहण, मुआवजा निर्धारण तथा वितरण का काम उनसे छीनकर एक चहेते सहायक अभियंता के हवाले कर दिया है। सिंचाई खंड में किसानों की अधिग्रहीत जमीनों के मुआवजा निर्धारण तथा वितरण में बड़ा घोटाला होने की शिकायतों के बाद उप राजस्व अधिकारी को यह काम सौंपा गया था। उप राजस्व अधिकारी एनएस कुंडरा ने इसकी पुष्टि की है, लेकिन ऐसा क्यों किया गया इस बारे में उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। अधिग्रहीत भूमि की रजिस्ट्री कराकर किसानों को मुआवजा देने का जून में बजट आने के बाद भी किसान चक्कर काट रहे हैं। ग्राम हस्तमोली के किसानों ने शुक्रवार को राजस्व अधिकारी के कार्यालय में हंगामा भी किया है।