ब्यूरो/अमर उजाला, बहादराबाद
रक्षक ही भक्षक बन जाए तो किसी और से क्या उम्मीद की जा सकती हैं। जिला मुख्यालय से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित सलेमपुर गांव में यह कहावत पूर्व जनप्रतिनिधि और राजस्व विभाग के कर्मचारी चरितार्थ कर रहे हैं। जिन पर ग्राम पंचायत की भूमि बचाने की जिम्मेदारी थी उन्होंने ही मिलकर पंचायत भूमि को प्रॉपर्टी डीलरों के हाथों खुर्दबुर्द करा दिया।
सलेमपुर निवासी शमशाद ने जिला अधिकारी और उप जिला अधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर पंचायत की भूमि को कब्जा करने का आरोप लगाते हुए मुक्त कराने की मांग की थी। जिस पर शनिवार और रविवार को राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश की लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आ सका। वहीं शिकायतकर्ता ग्रामीण शमशाद का कहना है कि प्रॉपर्टी डीलरों को बचाने के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारी खुद ही सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द कराने में लगे हुए हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि तत्काल स्थानीय लेखपालों को हटाकर अन्य लेखपालों से खाले की पैमाइश कराई जाए। वहीं ग्राम प्रधान कविता पाल ने बताया कि ग्राम पंचायत की भूमि पर कब्जे लगातार हो रहे हैं और राजस्व विभाग भी कोई सही जानकारी नहीं दे रहा है। इस संबंध में वह जिलाधिकारी से मिलकर सही तरीके से पैमाइश की मांग करेंगे और उसके बाद पंचायत की भूमि को ग्राम पंचायत अपने रखरखाव के लिए अपने अधिकार में लेगी। ग्राम प्रधान शनिवार और रविवार को हुई पैमाइश से संतुष्ट नही थे। उन्होंने कहा कि प्रोपर्टी डीलरों के पैमाइश की जा रही है। पैमाइश के दौरान कानूनगो ऋषिपाल सिंह चौहान, सुरेश पाल सैनी, लेखपाल अनुज यादव, नवीन त्यागी, तेलूराम, मनीष गुप्ता, मुकेश पाल, शिकायतकर्ता शमशाद, ग्राम पंचायत सदस्य मेघराज सिंह, ग्रामीण राव वहाब, असलम कुरैशी, चरण सिंह चौहान, मनीष पाल, सुभाष पाल, पूर्व प्रधान पप्पू सिंह पाटिल मौजूद थे।