ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने संविधान बचाओ संघर्ष समिति की ओर से आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के विरोध में तहसील कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी भेजा गया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब अधिकारियों ने ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया। तहसीलदार के निवास की दीवार पर ज्ञापन चस्पा कर दिया गया।
तहसील में हुई सभा को संबोधित करते हुए बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रदेश संयोजक भंवर सिंह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर संविधान विरोधी कार्य किया है। राजेंद्र श्रमिक और सुरेंद्र पास्टर का कहना है कि आरक्षण लागू करने के लिए लाए गए बिल को न तो संसदीय समिति को भेजा गया और न ही संसद के दोनों सदनों में व्यापक रूप से चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने ईवीएम से चुनाव कराने का भी विरोध किया। इस अवसर पर संजय, नरेश प्रधान, प्रीतम सिंह, पुरूषोत्तम आदि मौजूद थे।
तहसीलदार निवास पर चस्पा किया ज्ञापन
भंवर सिंह ने आरोप लगाया कि तहसीलदार सुनैना राणा को ज्ञापन लेने आने के लिए फोन पर आग्रह किया गया तो उन्होंने रविवार को छुट्टी कहते हुए ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में उनके आवास की दीवार पर ही ज्ञापन चस्पा कर दिया गया। हालांकि बाद में नायब तहसीलदार सुशील सैनी ज्ञापन लेने आए लेकिन तब तक ज्ञापन चस्पा कर दिया गया था।