सोमवार को हुआ दलित समाज का उग्र प्रदर्शन पूरी तरह नियोजित था। अब जगह-जगह के टीवी और सोशल मीडिया के फुटेज जुटाकर जांच कर रही पुलिस को ऐसे कुछ बहुत पुख्ता सुबूत मिले हैं। पुलिस का दावा है कि कुछ लोग परदे के पीछे से इसे रिमोट कंट्रोल की तरह संचालित कर रहे थे। पुलिस अब ऐसे लोगों को चिह्नित करने में जुट गई है।
सोमवार को दलित समाज के प्रदर्शन के दौरान जगह-जगह हुई आगजनी, तोड़फोड़ और हंगामे के फुटेज जुटाकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो प्रदर्शन के दौरान कई ऐसे चेहरे चिह्नित किए हैं जो स्थानीय नहीं हैं। इनकी पहचान बाहर के लोगों के रूप में हुई है। कई जगह हुड़दंगियों में मुस्लिम युवाओं को भी पहचाना गया है। ऐसे में पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह पूरा आंदोलन कुछ खास मकसद के लिए नियोजित तरीके से प्लान कर उकसाया गया। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि कुछ लोगों को चिह्नित कर लिया गया है जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। ऐसे सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मुकदमों की जांच करेगी एसआईटी
हरिद्वार। सोमवार को हुए उपद्रव के बाद दर्ज किए गए मुकदमों की जांच पुलिस की स्पेशल टीम करेगी। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि एसपी क्राइम टी मंजूनाथ के नेतृत्व में कुछ खास दारोगाओं की एक स्पेशल टीम बनाई गई है।
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निर्दोंषों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस हों
- एसएसपी से मिला दलित समाज का प्रतिनिधिमंडल
हरिद्वार। सोमवार को उपद्रव करने वालों के खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज किए गए मुकदमों को लेकर दलित समाज के लोगों ने नाराजगी जताई है। बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी कृष्ण कुमार वीके से उनके रोशनाबाद सिथत कार्यालय में मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों का कहना था कि कई थानों में निर्दोष लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मांग उठाई गई कि उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय निष्पक्ष जांच की जाए। इनका कहना था कि उनके समाज के लोग शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। हिंसा से उनका कोई सरोकार नहीं था। हिंसा करने वाले लोगों को पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए । एसएसपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच कर ही कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल में दलित एकता मंच के नेता तीरथ पाल रवि, जिला पंचायत सदस्य रोशनलाल, सुशील कुमार, बलराम सिंह राठौर, जयंती प्रसाद, ब्रह्मपाल, समय सिंह दाबड़े, कुलदीप सिंह, अमित कुमार, सोमपाल सिंह, विजयपाल सिंह, भानपाल रवि आदि शामिल थे। भगवानपुर की विधायक ममता उराकेश के नेतृत्व में भी एक प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से मिलकर निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की मांग की।
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और जब एसएसपी ने कर दी नेताओं की बोलती बंद
हरिद्वार। दलित समाज के नेता जब प्रदर्शनकारियों के बारे में पैरवी करते रहे तो एसएसपी ने पूछा कि उनके विभाग के जो अधिकारी और कर्मचारी हिंसा से पीड़ित हुए हैं, उनके बारे में वे किससे बात करें। एसएसपी ने कहा कि आप लोग तो अपने लोगों को निर्दोष बताकर पैरवी करने आ गए लेकिन चोटिल पुलिसकर्मियों को वे क्या जवाब दें। इस पर पैरोकारी करने आए नेता चुप्पी साध गए।