अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
संत बाहुल्य क्षेत्र सप्तऋषि से दूधियाबंद तक गंगा नदी पर बने तटबंध का चौड़ीकरण कर डबललेन बनाने की योजना है। गंगा नदी के तटबंध को आस्थापथ के रूप में सजाया संवारा जाएगा। इसका डिजायन तथा डीपीआर बनाने के काम कंसलटेंट संस्था को दे दिया गया है।
संत महामंडलेश्वरों तथा क्षेत्रवासियों की ओर से वर्षों से इसकी मांग की जा रही है। कुंभ तथा अर्द्धकुंभ के अवसर पर तो इस तटबंध के सुंदरीकरण की मांग मुखरता से की जाती रही है। इस बार लगता है कि लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सकेगी। बुधवार को सीसीआर में प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज के समक्ष पार्षद अनिल मिश्रा ने तटबंध के विकास का मुद्दा उठाया तो डीएम दीपक रावत व एचआरडीए के सचिव वंशीधर तिवारी ने बताया कि सप्तऋषि तटबंध के चौड़ीकरण तथा सुंदरीकरण की योजना की डीपीआर बनवाई जा रही है। सचिव तिवारी ने बताया कि गंगा नदी के तटबंध को चौड़ाकर आस्थापथ के रूप में विकसित करने की योजना है। डीपीआर बनने के बाद ही यह निर्णय होगा कि योजना को कुंभ योजना के कार्यों में शामिल किया जाए या फिर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की विकास योजना में। चूंकि प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज पर्यटन मंत्री भी हैं और मामला उनके समक्ष उठने से योजना की उम्मीद जग गई है। पार्षद अनिल मिश्रा का कहना है कि तटबंध को आस्थापथ बनाने का आश्वासन शहरी विकास मंत्री तथा मेयर भी दे चुके हैं इसलिए भी उम्मीद है कि यह काम अब हो जाएगा।