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‘दूसरा परिकर देश को कभी नहीं मिल सकता’

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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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देश के पहले आईआईटियन मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का रविवार शाम को निधन हो गया था। इसकी जानकारी होने पर सोमवार को पार्षद अनिल मिश्रा के कार्यालय में उन्हें श्रद्घांजलि दी गई। सभी ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। कहा कि दूसरा मनोहर पर्रिकर देश को कभी नहीं मिल सकता।
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पार्षद अनिल मिश्रा ने कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री रहते हुए मनोहर परिकर ने यह साबित कर दिया कि आज के समय में भी मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए अपने जीवन में सरलता, सादगी और उच्च कर्तव्यनिष्ठा के साथ भी सत्ता चलाई जा सकती है। परिकर ने वर्ष 1994 से अब तक लोकतंत्र की सच्ची छवि को प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि मनोहर परिकर ने ही यह भी देश को सिखाया कि जनता के बीच रहकर भी सच्ची सेवा की जा सकती है। शोकसभा में पार्षद अनिरुद्ध भाटी, विदित शर्मा, महेश गौड़, संदीप गोस्वामी, हंसराज आहूजा, सुमित बंसल, बागेश्वर पांडेय, राकेश मिश्रा, विकास ठाकुर, सुंदर शर्मा, अनिल वर्मा, गंगा प्रसाद शर्मा, विजय ड्रोलिया, शंकर उपाध्याय, ललित कुकरेती, विजय शंकर दुबे, भूपेंद्र चौहान, कृपा शंकर दुबे, राकेश सिंह, कन्हैया सिंह, कामेश्वर सिंह, प्रदीप शर्मा, डा. हर्षवर्धन जैन, मुकेश राणा, राम सिंह आदि उपस्थित रहे।
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