ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
जीआरपी के हत्थे एक फर्जी आईपीएस चढ़ा है। आरोपी खुद को नारकोटिक्स ब्यूरो नई दिल्ली में तैनात बताकर जीआरपी के पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ रहा था और पूर्व में ऋषिकेश में भी सीबीआई अफसर बनकर उगाही करने के आरोप में जेल जा चुका है। आरोपी के कब्जे से खिलौना पिस्टल, वर्दी, आईडी कार्ड, जूते से लेकर वर्दी का अन्य सामान बरामद हुआ है। एसपी रेलवे रोशन लाल शर्मा ने पुलिस टीम को ढाई हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
एएसपी रेलवे मनोज कात्याल ने बताया कि शुक्रवार को प्लेटफार्म नंबर एक पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एक युवक की कमर पर हॉलिस्टर में पिस्टल देखी। पुलिसकर्मियों ने जब उससे बातचीत करनी चाही तो युवक ने खुद को 2015 बैच का आईपीएस अफसर बताते हुए नारकोटिक्स ब्यूरो में तैनात होने की बात कही। एसओ जीआरपी अनुज सिंह ने जब उससे बातचीत की तो संदेह हुआ। थाने लाकर जब पुलिसकर्मियों ने हॉलिस्टर में लगी पिस्टल देखी तो वह खिलौना थी और आईडी कार्ड भी फर्जी प्रतीत हुआ। सख्ती से की गई पूछताछ में युवक ने अपना नाम रितेश राजपूत पुत्र राजेश सिंह निवासी चंदनपुर विलोथू जिला रोहताश बिहार बताया। युवक के कब्जे से मिले आर्मी कलर के पिट्ठू बैग में आर्मी वर्दी, एक काम्बेट, एक बैरेट कैप, एक खिलौना पिस्टल, एक फर्जी आईडी प्रूफ, एक जोड़ी जंगल शूज, कॉलर बैंड, दो मोबाइल फोन है बरामद हुए। एएसपी ने बताया कि आरोपी पिछले वर्ष ही दिसंबर माह में देहरादून जेल से छूटा है। ऋषिकेश में सीबीआई अफसर बनकर वह उगाही करने के आरोप में जेल गया था। आरोपी के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।