ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत जिले में करीब 75 हजार किसान ऐसे हैं जो किसान सम्मान निधि के तहत पहली किश्त के तौर पर खाते में दो हजार रुपये आने का इंतजार कर रहे हैं। जबकि बहुत से किसानों का डाटा वेबसाइट पर फीड नहीं हुआ है। अधिकारी दावा कर रहे हैं बहुत जल्द पहली किश्त के दूसरे चरण का पैसा किसानों के खाते में आ जाएगा। अभी तक पहली किश्त के रूप में मात्र 12641 किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपये ही आ सके हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए किसानों के फार्म भरने का काम 10 फरवरी से शुरू हो गया था। जबकि जिला प्रशासन ने 14 फरवरी और शेष किसानों के खाते में 18 फरवरी तक दो-दो हजार रुपये आने का दावा किया था। हालांकि कई समस्याओं के चलते सम्मान निधि के पोर्टल में 14 फरवरी से फार्म भरने का काम शुरू हो सका। इस दौरान बीच-बीच में भी डाटा फीड करने का काम बाधित भी होता रहा। योजना की शर्त के अनुसार दो हेक्टेअर भूमि से कम भूमि वाले हरिद्वार तहसील में 24 हजार किसान योजना के तहत पात्र थे, इनमें से करीब 14500 ने फार्म भरे हैं। इनमें से 13500 किसानों का डाटा फीड भी किया जा चुका था। जनपद की अन्य तहसीलों में भी डाटा फीड करने का काम जारी है। अभी तक पूरे जनपद में 88 हजार किसान योजना के तहत आवेदन कर चुके हैं, इनमें से 71 हजार किसानों का डाटा फीड भी किया जा चुका है। सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक पूरे जिले में मात्र 12641 किसानों के खाते में ही दो हजार रुपये आए है। जबकि करीब 75 हजार किसान प्रथम किश्त भी प्राप्त नहीं कर सके हैं। अब वे किसान धनराशि के इंतजार में है और तहसील अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए है, लेकिन उन्हें आश्वासन देकर दूसरे चरण में धनराशि जारी कराने की बात कह रहे हैं।
13 गावों के नाम सूची में ही दर्ज नहीं
कुछ शहरी क्षेत्रों के एवं गांवों के नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पोर्टल पर दर्ज नहीं है। ऐसे 13 गांवों के नाम सामने आए हैं। इन्हें या तो नगर निकाय बनने या उसमें शामिल होने वाले कुछ गांवों का डाटा सामने नहीं आया है। जिला मुख्य कृषि अधिकारी डा. वीकेश यादव ने बताया कि शाहपुर, मक्खनपुर-अहमदपुर-आलमपुर, रुड़की, गणेशपुर, शेखपुरी, मंगलौर, लंढौरा, झबरेड़ा, बादशाहपुर, शेरपुर, भट्टीपुर, धोल्टी, टिहरी भगीरथनगर ऐसे गांव हैं जो लिस्ट में शामिल नहीं है।
प्रथम चरण में 12641 किसानों के खाते में दो हजार रुपये जारी चुके हैं। अन्य किसानों के डाटा फीड करने काम जारी है। काम पूरा होते ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। कुछ गांवों के नाम पोर्टल में नहीं आ रहे हैं, इन्हें शामिल करने को भी रिपोर्ट भेजी है। पोर्टल में नाम आते ही इन गांवों के किसानों के फार्मों का डाटा लेकर फीड करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. वीकेश यादव, जिला मुख्य कृषि अधिकारी, हरिद्वार