अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
रोडवेज बस अड्डे को शहर से 12 किमी दूर जंगल में ले जाने के निर्णय का विरोध करते हुए व्यापारियों ने काले झंडे लहराते हुए रैली निकाली। उन्होंने राज्य सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि बस अड्डे के शिफ्टिंग के विरोध में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को रोडवेज बस अड्डे के सामने हरिद्वार के लघु व्यापारी नेता अशोक शर्मा और महानगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील सेठी के नेतृत्व में व्यापारी हरिद्वार रोडवेज बस अड्डे के सामने एकत्रित हुए। उन्होंने बस अड्डे के मुख्य द्वार पर हमारा शहर हमारा बस अड्डा यही है के नारों के साथ प्रदेश सरकार को काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने हाथों में काले झंडे लेकर शिवमूर्ति चौक तक विरोध रैली निकाल। अशोक शर्मा ने काला झंडा दिखाते हुए रोडवेज परिसर के सामने जाम के कारणों को बताते हुए शहरी विकास मंत्री एवं भाजपा के नेता को घेरा। उन्होंने कहा कि बस अड्डे के सामने टैक्सी स्टैंड बनाकर और तीसरा गेट बंद कराकर कि गए अतिक्रमण को हटाने की जरूरत है। बस अड्डे के विस्तार के लिए जल निगम के कार्यालय की भूमि को समायोजित करने की जरूरत है। लेकिन बिना वजह वर्तमान प्रदेश सरकार हरिद्वार के हितों पर कुठाराघात कर बस अड्डे को शहर से दूर ले जाने का कुत्सित प्रयास कर रही है। महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा कि शहर हित के इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार नहीं सुनती है तो हरिद्वार की जनता नगर निगम चुनाव में वर्तमान सत्ताधारियों को बाहर का रास्ता दिखा देगी। 2019 में सांसद की चुप्पी को भी अपना निर्णय सुना देगी। व्यापार मंडल के सरदार दलजीत सिंह व जितेंद्र चौरसिया ने काले झंडे दिखाते कहा कि यह व्यापारियों का ही नहीं बल्कि नगर हित का मामला है। अंग्रेजों ने 100 साल पहले निर्णय लिया था कि बस अड्डा व रेलवे स्टेशन आमने-समाने होंगे। इस मौके पर शहर अध्यक्ष तेज प्रकाश साहू, अशोक चड्ढ़ा, दीपक अरोड़ा, मनोज, राजकुमार प्रिंस, दीपक दुआ, विनय दुआ गिन्नी, विकास, रमेश लूथरा, जुगल अरोड़ा, लव्वल मनोचा, टीटू, ललित अरोड़ा, ललित अरोड़ा, प्रवीन, नवदीप मान, राजेंद्र जैन, अजय शर्मा, विजय ग्रोवर, विशू ग्रोवर, मुकेश, शंकर खन्ना, अमर गुप्ता, जेपी आदि शामिल हुए।
बस अड्डे के सामने लगाए काले झंडे
रोडवेज बस अड्डे को शिफ्ट करने के विरोध में व्यापारियों ने बस अड्डे से लेकर शिवमूर्ति चौक तक काले झंडे लगा दिए हैं। काले झंडे लगे होने से देश के कोने- कोने से आने वाले यात्रियों में गलत संदेश जा रहा है। हालांकि कुछ लोगों ने काले झंडे हटाने का प्रयास किया, लेकिन निगरानी में बैठे व्यापारियों ने हटाने आए लोगों को भगा दिया।