ज्वालापुर पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर हरियाणा से तस्करी कर लाई गई अंग्रेजी शराब की 518 पेटी शराब बरामद की हैं। बरामद शराब की कीमत करीब 32 लाख आंकी गई है।
कोतवाली ज्वालापुर कैंपस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी सिटी परमेंद्र डोबाल ने बताया कि ज्वालापुर पुलिस ने हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर रानीपुर झाल के पास चेकिंग अभियान के दौरान एक ट्रक को रोक लिया। ट्रक में सवार रहे तीन व्यक्तियों ने बताया कि ट्रक में गाजर है। पुलिस ने जब गाजर के बोरे को चेक किया तो पता चला कि ऊपरी सतह पर गाजर है और निचली सतह पर अंग्रेजी शराब की पेटियां है। बताया कि कोतवाली लाकर की गई गिनती में अंग्रेजी शराब के ब्रांड स्पेशल पार्टी और मेकडेवल की कुल 482 पेटी बरामद हुई।
पुलिस के हत्थे चढ़े तस्करों ने अपने नाम सोनू उर्फ दिनेश, सुभाष पुत्रगण बृजलाल निवासीगण गांव कृष्णपुरा पिपली कुरुक्षेत्र हरियाणा व महेंद्र पुत्र स्वरूप निवासी सिदौली पेवा कुरुक्षेत्र हरियाणा बताया।
एसपी सिटी ने बताया कि बरामद शराब की कीमत करीब 30 लाख आंकी गई है। उन्होंने बताया कि ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया गया था। प्रारंभिक पूछताछ में यही पता चला है कि डिलीवरी ज्वालापुर क्षेत्र में ही होनी थी। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एसपी सिटी मामले का खुलासा कर कोतवाली से निकले ही थे कि स्थानीय पुलिस को मोहल्ला कस्साबान में अंग्रेजी शराब का जखीरा उतारने की सूचना मिली। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने तुरंत छापा मारा। मौके पर ऑटो से 38 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि आटो का स्वामी अनीस पुत्र महमूद निवासी मोहल्ला कस्साबान है। बरामद शराब की कीमत करीब दो लाख रुपये है।
नहीं उगलवा सके किसकी है शराब
विधानसभा चुनाव के दौरान सबसे बड़ी सफलता ज्वालापुर पुलिस को ही मिली है। पांच सौ से अधिक अंग्रेजी शराब की पेटियां बरामद कर पुलिस ने बड़ी बाजी मारी है। हालांकि, ये स्पष्ट नहीं हो सका कि शराब की डिलीवरी किसे होनी थी। पुलिस भी यह सच उगलवा पाने में असमर्थ रही।
चेकिंग अभियान की खुली पोल
भले ही हरिद्वार पुलिस ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हरियाणा से तस्करी कर लाई गई अंग्रेजी शराब की खेप पकड़ ली हो, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे राउंड द क्लॉक चेकिंग अभियान की पोल भी खुल गई है। बेधड़क होकर तस्कर जिले की सीमा में ही नहीं बल्कि कई किलोमीटर अंदर तक घुस आए थे। अब केवल उन्हें अंग्रेजी शराब की खेप को ठिकाने तक ही उतारने की जहमत उठानी थी। एक बात साफ है कि तीन राज्य की पुलिस की आंखों में धूल झोंककर शराब यहां तक लाई गई थी। जब ब्रांड हरियाणा का है तो स्वाभाविक है शराब की खेप हरियाणा से ही उठाई गई होगी। फिर हरियाणा से चलकर यूपी की सीमा भी पार की गई होगी और फिर उत्तराखंड में एंट्री हुई होगी। सीमावर्ती क्षेत्र में विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस कितनी सतर्क है इसकी पोल ज्वालापुर पुलिस ने खोलकर रख दी है।