हरिद्वार। धर्मनगरी में सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त में भी 32 लाख रुपये से अधिक स्टांप शुल्क चोरी कर ली गई। जांच होने पर मामला का खुलासा हुआ तो उप निबंधक ने कार्रवाई के लिए कलेक्टर स्टांप को रिपोर्ट भेज दी गई। मामला बैरागी कैंप की आरक्षित भूमि बेचने का होने से जमीन खरीदने और बेचने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। पहाड़ी बाजार कनखल के रहने वाले अनिल कुमार बिष्ट की ओर से शिकायत की गई थी कि मेला आरक्षित भूमि को दो लोगों की तीन व्यक्तियों को बेच दिया गया है। कहा कि एक तो जमीन को बेचा नहीं जा सकता है, लेकिन, अवैध रूप से जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई, जो जमीन बेची गई है, वो सिंचाई विभाग की है, इसलिए, जमीन को अवैध रूप से बेचकर खुर्द-बुर्द किया गया है। मगर, जमीन की रजिस्ट्री कराने में भी स्टांप शुल्क की चोरी कर ली गई है।
प्रकरण की तत्कालीन उप निबंधक हरिद्वार प्रथम की ओर से मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। जिसमें तीनों रजिस्टि्रयों में 32 लाख 23 हजार 560 रुपये के स्टापं की चोरी करना सामने आया है। इनमें एक रजिस्ट्री में 13 लाख 80 हजार 860, दूसरे में 12 लाख 28 हजार 500 और तीसरी में छह लाख 14 हजार 200 रुपये स्टांप चोरी की गई है।
सिंचाई विभाग की जमीन बेचकर सरकार को राजस्व का भी चूना लगाया गया है। स्टांप चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हेमलता जोशी की ओर से कलेक्टर स्टांप को जांच रिपोर्ट भेजी गई है।