अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। इसी महीने बारिश में हरकी पैड़ी क्षेत्र में चौथी बार भूस्खलन के बाद भी सिस्टम ने आंखें नहीं खोली है। शनिवार रात से रविवार सुबह तक रह-रहकर भूस्खलन होता रहा है। पहाड़ की साइड में बनी अवैध कच्ची दुकानों को भूस्खलन पहले ही लील चुका है। अब भूस्खलन से सड़क भी बंद हो गई है। व्यस्त तथा भारी भीड़ वाले इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर की जा रही अनदेखी लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। ।
अवैध रूप से पहाड़ खोदकर इसका विस्तार किया जाता रहा और सिस्टम देखता रहा। कपूरथला हाउस के सामने पहाड़ की खुदाई कर बनी दुकानें तथा शौचालय भी खतरे की जद में है। कांगड़ा मंदिर के सामने का पूरे मोड पर खतरा मंडरा रहा है। कच्चे पहाड़ तथा रेलवे सुरंग के ऊपर लोगों ने कंक्रीट का इतना वजन चढ़ा दिया है कि देर-सबेर उसको धराशायी होने से कोई रोक नहीं सकता है। पहाड़ की जांच करने वाले विशेषज्ञ इस बारे में कई आगाह भी कर चुके हैं।
उधर, पीडब्ल्यूडी का हिल बाईपास भी सिल्ट आने से पहले ही बंद हो चुका था। दो दिन की बारिश से उसकी हालत और खराब हो गई है। माना जा रहा है भीमगोडा के ऊपर पानी तथा सिल्ट नीचे आने से रोकने के लिए बना बंधा क्षतिग्रस्त हो गया है। जिस कारण बरसाती पानी के साथ चिकनी मिट्टी भीमगोडा में काली कमली धर्मशाला की गली में भर गई है और नाला बंद हो गया है काली कमली धर्मशाला की गली में पानी बहने से भीमगोडा की मेन रोड पर कीचड़ भर गया है। नई बस्ती क्षेत्र में छायानंद स्कूल के पीछे भारी भूस्खलन से नगर निगम का कूड़े का कंटेनर भी दब गया है। क्षेत्र के निर्वतमान पार्षद ने लखनलाल चौहान ने बताया कि पीडब्ल्यूडी तथा आपदा वाले झांकने भी नहीं आ रहे हैं।
बाजारों में सिल्ट के ढेर फिर फैले
शुक्रवार रात चेकडैम नालों की सिल्ट से सब्जी मंडी, विष्णुघाट का बाजार भरा गया था। शनिवार को कुछ देर बारिश थमने पर दुकानदारों न नगर निगम सिल्ट की सफाई कर कई ढेर लगा दिए थे, परंतु रविार शाम को फिर हुई बारिश ने सिल्ट के ढेरों को फिर से फैला दिया है। दो दिन से दोनों बाजारों में कोई कारोबार नहीं हो पाया है। हरकी पैड़ी कांगड़ा मंदिर के सामने शनिवार को कई घंटे तक दुकानदार स्वयं हिल बाईपास से आई चिकनी मिट्टी वाली सिल्ट की सफाई कर ढेर लगाने में जुटे रहे। सिल्ट के गीला होने से नगर निगम उसे उठवा भी नहीं पाया और रविवार को वह फिर जहां के तहां फैल गई है।
सूखी नदी की झील सिल्ट भरने से गायब
खड़खड़ी में सूखी नदी में अंधाधुंध खनन से बनी झील को नदी में आई बाढ़ ने पूर्व की स्थिति में ला दिया है। पार्क क्षेत्र के जंगल से नदी में बहकर आई मिट्टी, रेत-पत्थर से झील पूरी तरह से भर गई है। लेकिन सूखी नदी के पुल को गिरने से बचाने के लिए नींव में कराई गई वायरक्रेट की दीवार कई जगह से बह गई है। ऐसे में पुल पर खतरा मंडरा रहा है।