हरिद्वार।
गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर से लेकर देहात तक पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर और देहात के लोगों को एक-एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। शहर में जल संस्थान और पेयजल निगम लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। कई इलाकों में सुबह और शाम के समय कुछ देर के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है। इसमें भी प्रेशर कम होने के कारण दो मंजिला आवासों तक पानी नहीं पहुंच पाता। ज्वालापुर के लक्कड़हारान मोहल्ले और टिबड़ी में पेयजल संकट बना है। देहात में अधिकतर हैंडपंप खराब पड़े होने के कारण लोगों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ गई है।
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फोटो समाचार
खाली बर्तनों के साथ किया प्रदर्शन
- टिबड़ी के लोगों का फूटा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। भीषण गर्मी में टिबडी के पांच सौ परिवार पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। टिबडी में करीब एक सप्ताह से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। जिससे आक्रोशित लोगों ने रविवार की दोहपर टिबडी के आंबेडकर चौक पर एकत्रित होकर खाली बर्तनों के साथ जल संस्थान के लिए खिलाफ प्रदर्शन किया।
कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष तरुण नैयर ने प्रदर्शपकारियों के बीच पहुंचकर उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि टिबडी में सप्ताह भर से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। जिसके चलते टिबडी के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक शहर में 24 घंटे पानी की सप्लाई देनेे का दावा कर रहे हैं और टिबडी के लोग एक-एक बूंद के लिए तरस रहे। बीना जाटव, मंजू असवाल ने कहा कि टिबड़ी में पानी की सप्लाई नहीं होने से रोजमर्रा के कार्य नहीं हो पा रहे हैं। पानी की आपूर्ति केे लेकर कईं बार जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इसके जल संस्थान की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। समाजसेवी मनोज जाटव ने कहा कि यदि टिबडी में जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति नहीं की गई तो लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में जगदीप सिंह असवाल, नीरज सेलवान, संदीप, बीना त्रिपाठी, शकुंतला, बबली देवी, पूनम, मंजू देवी, गंगा देवी, प्रेम वती, लक्ष्मी देवी, काजल, सोनी, लीलावती, प्रमिला देवी, कला देवी, माया देवी, अविनाश, अनिल, सत्यदेव, शिवानी, मंजू, रेणू, कंचन देवी, नेहा, सपना आदि मौजूद थे।
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लक्कड़हारान में दस दिन से संकट
हरिद्वार। ज्वालापुर के लक्कड़हारान मोहल्ले में करीब एक हजार से ज्यादा की आबादी पानी के लिए तरस रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पेयजल की पुरानी लाइन से अधिकतर लोगों के यहां कनेशन किए गए हैं लेकिन इस लाइन में पानी का प्रवाह नहीं हो पा रहा है। नई लाइन में पानी आ रहा है, लेकिन बार-बार कहने के बाद भी यहां जलसंस्थान के अधिकारी नई लाइन से कनेक्शन नहीं कर रहे हैं। पिछले दिनों कांग्रेस नेता राजेश रस्तोगी के नेतृत्व में लोगों ने नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया था लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। कांग्रेस नेता रविंद्र धीमान ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर क्षेत्र में पेयजल की किल्लत का समाधान कराने की अपील की है।
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शिवालिकनगर क्षेत्र की कई कालोनियों में नल सूखे
हरिद्वार। शिवालिकनगर नगर पालिका के अंतर्गत आने वाली कई कालोनियों में भी पानी की किल्लत बनी हुई है। सुभाषनगर और टिहरी विस्थापित कालोनी में पेयजल का संकट बढ़ती आबादी के कारण बना हुआ है। यहां पेयजल की आपूर्ति के लिए 15 साल से कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं किए गए। पेयजल आपूर्ति के लिए दो नलकूप लगाए गए थे तब पूरे क्षेत्र की आबादी करीब 15 हजार थी जो अब सिडकुल बनने के बाद बढ़कर पचास हजार के आसपास पहुंच गई है। टिहरी विस्थापित कालोनी निवासी अरविंद चौधरी, शिवम त्यागी, विपिन चौधरी, बॉबी तोमर और विशाल सैनी ने बताया कि सुबह और शाम केवल दो-दो घंटे पानी आता है।
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पेयजल निगम ने बनाया कंट्रोल रूम
हरिद्वार। हैंडपंप खराब होने के कारण पीने के पानी की किल्लत झेल रहे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की मदद के लिए पेयजल निगम के अधिकारियों ने एक कंट्रोल रूम बनाया है। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता मोहम्मद मीसम ने बताया कि सभी छह ब्लॉकों में हैंडपंप ठीक करने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। कंट्रोल रूम के नंबर 01334-227781 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यहां आने वाली शिकायतों को ब्लॉक स्तर पर भेजा जाता है जिन पर निगम की टीमें संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 40 शिकायतों का निस्तारण भी किया गया है।
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पथरी के कई गांवों में हैंडपंप खराब
पथरी। क्षेत्र में कई स्थानों पर बढ़ती गर्मी के चलते ग्रामीणों के अधिकतर निजी नल सूख गए है और अधिकांश सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं। गांव बादशाहपुर, नसीरपुरकलां, धारीवाला, टिकौला, रानीमाजरा, चांदपुर,कटारपुर, शेरपुर, भुवापुर चमरावल, भट्टीपुर, नई कुंडी, बिशनपुर कुंडी,पुरानी कुंडी फेरूपुर, शिवगढ, फुलगढ, गोविंदगढ, दुर्गागढ, आर्दश टिहरीनगर, टिहरी डोब नगर आदि स्थानों पर ग्रामीणों के अधिकतर निजी नल सूख गए हैं। अरविंद, अजय, मुकेश, रविन्द्र, इंद्रेश, सतीश, नाजिम, सुलेमान आदि ग्रामीणों का कहना है गर्मी बढ़ने से वाटर लेबल भूमि में काफी नीचे चला गया है। दूसरी तरफ धनौरी क्षेत्र में अभी से ही पेयजल संकट गहराने लगा है। क्षेत्र के अधिकांश गांवों में हैंडपंपों के हलक सूखे हुए है। धनौरी में 12 हैंडपंप में से सात हैंडपंप खराब हैं, ऐसे में राहगीरों के साथ साथ स्थानीय ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जसवावाला, तेलीवाला, धनौरी, रसूलपुर, कोटा मुरादनगर, आसफनगर, हजारा ग्रंट, डालूवाला कलां, औरंगाबाद, दौलतपुर, बहादरपचुर, शांतरशाह आदि गांवों में हैंडपंप खराब हैं।