हरिद्वार।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुुलसचिव डा. मृत्युंजय कुमार मिश्र के कार्यों की सीबीआई जांच की मांग है।
एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य योगेश विद्यार्थी, जिला सहसंयोजक तरुण चौहान आदि ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन पत्र में बताया कि पूर्व आयुष सचिव शत्रुघ्न सिंह ने कुलसचिव के रूप में डा. मिश्रा की नियुक्ति को निरस्त करते हुए उन्हें मूल विभाग उच्च शिक्षा में भेजने का प्रस्ताव विभागीय मंत्री को भेजा था। जिस पर तत्कालीन विभागीय मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने उस प्रस्ताव को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत को भेज दिया था। जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने डॉ. मिश्र को कुलसचिव पद से हटाने के आदेश दिए थे। साथ ही विवि के कई कुलपतियों ने अपने-अपने कार्यकाल के दौरान डा. मिश्र के भ्रष्टाचार के विषय में आख्या भेजकर कर राज्य सरकार को अवगत कराया था। अब उत्तराखंड शासन ने डा. मिश्र को अपर स्थानिक आयुक्त पद से मुक्त किया है। ऐसे में फिर से उनके विवि में कुलसचिव बनाने की चर्चा है। एबीवीपी के नगर मंत्री आदित्य गौड, प्रदेश सह मंत्री विकास जोशी, रितेश वशिष्ठ, मोहित चौहान, तरुण चौहान, शिव चौधरी, राहुल चौधरी आदि का कहना है कि यदि डा. मृत्युंजय कुमार मिश्र को फिर से आयुुर्वेद विवि का कुलसचिव बनाने का प्रयास किया तो एबीवीपी प्रदेश भर में आंदोलन के लिए बाध्य होगी।