जोगेंद्र सिंह मावी
हरिद्वार।
जिला पंचायत के संचालन को गठित तीन सदस्यीय समिति में भी तकरार सामने आने लगी है। आपसी समन्यव नहीं होने से जिला पंचायत के विकास कार्य ठप पड़े हैं। 17 करोड़ का बजट खातों में जमा है। जबकि ठेकेदारों का भुगतान और जिला पंचायत के अधिकारी कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं हो पा रहा है। अब भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने संचालन समिति के अन्य दो सदस्य मौ. सत्तार और अमीलाल वाल्मीकि की ओर से विकास कार्यों में रोडा लगाने पर उन्हें हटाने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी है।
पांच दिसंबर को जिला पंचायत की चेयरमैन सविता चौधरी के अधिकार सीज होने के बाद 8 दिसंबर को तीन सदस्यीय संचालन समिति गइित की गई थी। जिसमें भाजपा के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी रानी देवयानी सिंह, बसपा के पूर्व विधायक मौ. शहजाद के भाई मौ. सत्तार और भाजपा नेता अमीलाल वाल्मीकि को कमान सौंपी गई। तीन सदस्यीय समिति ने 23 दिसंबर को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक की और बजट पास करते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव जारी करते हुए सहमति दी। बोर्ड बैठक के बाद समिति की सदस्य रानी देवयानी सिंह ने तो हस्ताक्षर कर दिए, लेकिन मौ. सत्तार और अमीलाल वाल्मीकि ने हस्ताक्षर नहीं किए। इससे विकास कार्यों के साथ-साथ जिला पंचायत के स्टाफ की तनख्वाह भी जारी नहीं हो सकी थी। हंगामे की स्थिति देखते हुए 11 जनवरी को दिसंबर का वेतन जारी हो गया, लेकिन जनवरी में वेतन अटकने के साथ ही विकास कार्यों का बजट जारी नहीं हो सका है। अब ठेकेदार लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं। वहीं बजट जारी न होने से तीन सदस्यीय समिति के सदस्य एक- दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं। कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और उनकी पत्नी रानी देवयानी सिंह ने खुली बगावत कर दी है। चैंपियन की मानें तो मौ. सत्तार को समिति से हटाने के लिए मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचा दिया गया है।
17 करोड़ का बजट खाते में
जिला पंचायत को शासन की ओर से जारी 8 करोड़ का नया बजट खाते में जमा है। इसके अलावा पुराना बजट 9 करोड़ भी है। इस 9 करोड़ के बजट में 4 करोड़ के कार्यों को रोक दिया गया है। जिला पंचायत की निर्माण समिति एवं जिला पंचायत सदस्य लतीफन अंसारी ने बताया कि समिति में आपसी टकराव से भुगतान लटक गया है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही मामला न सुलझा तो इनकी असलियत का खुलासा करेंगे।
सत्तार बदले की भावना से कर रहे काम
समिति में मौ. सत्तार गलती से शामिल हो गए। सत्तार बदले की भावना से काम करते हुए विकास में रोड़ा डाल रहे हैं। अमीलाल वाल्मीकि भी उसी के साथ शामिल है। सभी का विकास और समान विकास के मुद्दे को भूलकर ये दुश्मनी पर आ गए हैं। पूरे मामले से शासन को अवगत कराते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी है। दोनों को समिति से हटाने का काम चल रहा है। शीघ्र ही नए सदस्य समिति में शामिल हो जाएंगे।
- कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, विधायक।
पुराने कार्यों की चल रही है जांच
समिति में मनमुटाव जैसी बात नहीं है। पुराने कार्यों की जांच चल रही है और सदस्यों की एक समिति भी जांच कर रही है। जब तक रिपोर्ट नहीं मिलती उससे पहले कैसे भुगतान किया जा सकता है। पुराने कार्यों के सत्यापन होने के बाद ही संबंधित ठेकेदारों के भुगतान होंगे। यदि भौतिक सत्यापन के बिना ऐसे ही बजट जारी करना था तो फिर पूर्व में और अब क्या अंतर होगा।
सत्तार, सदस्य तीन सदस्यीय संचालन समिति, जिला पंचायत।
मनमुटाव जैसा कोई विवाद नहीं
समस्त जिला पंचायत सदस्यों, विधायक, ब्लाक प्रमुखों से विकास कार्यों के बजट मांगे गए हैं। जिन पर चर्चा के बाद सूची तैयार की जाएगी और स्वीकृति मिलते ही उनके लिए बजट जारी कर दिया जाएगा। समिति में किसी प्रकार मनमुटाव या लेनदेन के मामले को लेकर कोई विवाद नहीं है।- अमीलाल वाल्मीकि, तीन सदस्यीय समिति, संचालन जिला पंचायत।
तीन सदस्यीय समिति की ओर से समस्त अधिकारी कर्मचारियों की तनख्वाह गजट पर हस्ताक्षर नहीं होने से कोई वेतन जारी नहीं हो सका है। इसके अलावा विभागीय और क्षेत्र के विकास कार्य अटके हुए हैं। कुछ कारणों से विकास कार्यों के भुगतान भी अटके हुए हैं।
आरएन त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी एवं सहायक निदेशक, जिला पंचायत।