जनता कर्फ्यू के दिन से 48 घंटों में महिला अस्पताल में 24 बच्चों ने जन्म लिया है। इमरजेंसी में 30 से 35 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। जिला अस्पताल की इमरजेंसी और फ्लू क्लीनिक में चेकअप करने वालों की भीड़ लगी रही।
कोरोना वायरस के फैलने की आशंका के चलते स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन मुश्किल में पड़ गया है। ओपीडी आदि बंद किए जाने के बावजूद इमरजेंसी में लोगों के मर्ज देखकर परामर्श दिए जा रहे हैं। महिला अस्पताल में जनता कर्फ्यू के दिन रविवार की सुबह आठ बजे से लॉकडाउन के दिन सोमवार की दोपहर तीन बजे तक 24 डिलीवरी हुई। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की इमरजेंसी में 30 से 35 गर्भवती महिलाओं की जांच की जा रही है। सीएमएस डॉ. शिखा जंगपांगी ने परामर्श जारी किया है कि प्रसव के दौरान बुजुर्ग लोग और 10 साल से कम आयु के बच्चों को साथ न लाए। वहीं, जिला अस्पताल की इमरजेंसी और फ्लू क्लीनिक में बड़ी संख्या में मर्ज दिखाने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी में 24 घंटों में 200 से अधिक तो फ्लू क्लीनिक में 150 से अधिक मरीजों की देखभाल की जा रही है। सबसे बड़ी बात इस समय अस्पताल में पर्चा बनाने का काम बंद करा दिया है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि मरीजों को मास्क और सैनिटाइज कराने की बाद ही देखा जा रहा है।