हरिद्वार जिला कारागार रोशनाबाद में 15 बंदियों के एचआईवी पॉजिटिव मिलने की सोशल मीडिया पर चल रही सूचना का जेल प्रशासन ने खारिज कर दिया है। जेल में अभी नहीं बल्कि पूर्व में ही जांच के दौरान 23 बंदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे, जिन्हें अलग बैरक में रखा हुआ है और उनका इलाज चल रहा है। जेल में दाखिल करते समय ही बंदियों की जांच की जाती है।
बुधवार को सोशल मीडिया पर जिला कारागार रोशनाबाद में सात अप्रैल को लगे स्वास्थ्य शिविर में 15 बंदियों के एचआईवी पॉजिटिव मिलने की खबरें चलती रही। इसके बाद शाम को वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य को इसको लेकर खंडन करना पड़ा।
जेल अधीक्षक ने बताया कि सात अप्रैल को जेल में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 15 बंदी एचआईवी पॉजिटिव निकलने की खबर तथ्यहीन और भ्रामक है। सात अप्रैल को को शिविर में टीबी की जांच हुई थी। एचआईवी की जांच नहीं हुई। उन्होंने बताया कि समय-समय पर जेल में आने वाले हर बंदी की स्वास्थ्य जांच कराई जाती है।
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समय-समय पर आए 23 बंदियों में एचआईवी के लक्षण मिले थे। इनमें कुछ बंदी पांच माह, कुछ छह, कुछ दो तो कुछ एक महीने से कारागार में बंद है। एक बंदी 10 वर्ष से बंद है। एचआईवी पॉजिटिव बंदियों का एआरटी सेंटर से उपचार चल रहा है।