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आत्यात्म जगत की महान विभूति थे स्वामी हंसदेवाचार्य: रावत

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जगतगुरु हंसदेवाचार्य जी
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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जगन्नाथ धाम के संस्थापक जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज को श्रद्धांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत ने उन्हें आध्यात्मिक जगत की महान विभूति बताते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आश्रम में दर्शनार्थ रखी गई पार्थिव देह पर चादर समर्पित करने के बाद उनकी अंतिम यात्रा में भी शामिल हुए। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य ने भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए काफी कार्य किया। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में 2021 में होने वाले कुंभ को लेकर भी उनकी स्वामी हंसदेवाचार्य से कई बार बात हुई थी। उनका काफी मार्गदर्शन मिलना था लेकिन उनके असमय जाना काफी कष्टदायक है।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने जगद्गुरु के देहावसान को राष्ट्र की क्षति बताया। उन्होंने कहा कि संतों का मार्गदर्शन सदैव राजसत्ता और समाज को मिलता है। उनके जाने से देश को अपूरणीय क्षति हुई है। वे हरियाणा के लिए भी चिंतित रहते थे। केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति श्रद्घासुमन अर्पित करते हुए काफी भावुक दिखी। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही उनकी प्रयागराज कुंभ में उनसे मुलाकात हुई। काबीना मंत्री मदन कौशिक ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि स्वामीजी का राष्ट्र और समाज के उत्थान में काफी योगदान रहा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर भी वे काफी सक्रिय रहते थे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उनके निधन को निजी स्तर पर भी बड़ी क्षति बताया। सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने उन्हें महान संत बताया।
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एसएसपी के आदेश पर दिया राजकीय सम्मान
ब्रह्मलीन जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य की अंतिम यात्रा से पहले उन्हें राजकीय सम्मान दिए जाने को लेकर काफी देर तक चर्चा भी होती रही। इस बारे में एसएसपी जन्मेजय प्रभावकर खंडूड़ी ने बताया कि किसी भी गणमान्य व्यक्ति के देहावसान के मौके पर प्रशासन के स्तर से भी राजकीय सम्मान दिए जाने का निर्णय लिया जा सकता है। ब्रह्मलीन स्वामी जी काफी लोकप्रिय थे। इसलिए उन्हें राजकीय सम्मान दिए जाने का निर्णय उनके द्वारा लिया गया।
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