हरिद्वार। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर हरिद्वार शाखा के प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम व क्लीनिक दूसरे दिन भी बंद रहे। प्राइवेट अस्पताल बंद होने से मरीज सरकारी अस्पतालों के साथ, विभिन्न ट्रस्टों के अस्पतालों का रुख करने लगे हैं।
प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम व क्लीनिक बंद के 130 डॉक्टर शनिवार को भी हड़ताल पर रहे और मरीजों की जांच नहीं की। प्राइवेट अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा भी बंद रही। हालांकि स्वास्थ्य सचिव ने प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों को इमरजेंसी चलाकर गंभीर मरीजों के उपचार को निर्देश दिए थे, लेकिन हरिद्वार के डॉक्टरों ने आदेश न मिलने की बात कही। डा. जसप्रीत सिंह ने बताया कि रविवार को अस्पताल बंद रखते हुए काशीपुर में डॉक्टरों की बैठक होगी। बैठक में आगामी आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।
प्राइवेट डॉक्टरों की हड़ताल के चलते जिला अस्पताल हरिद्वार की इमरजेंसी में तीन डॉक्टरों को तैनात किया गया है। अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीजों को इमरजेंसी में ही देखा जा रहा है। इसके अलावा अस्पताल की सभी ओपीडी में मरीजों को देखा गया है। अब जिला अस्पताल में पांच सौ ओपीडी हो रही है। चिकित्सकों ने चार बजे तक मरीजों की जांच की। महिला अस्पताल में भी प्रसव के लिए पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ गई है।