ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
गंगा की स्वच्छता के लिए विभिन्न लोगों और संगठनों को कार्य करते हुए देखा होगा, लेकिन हरकी पैड़ी पर 70 वर्षीय एक वृद्ध का अंदाज निराला है। वह लोगों को रोजाना निशुल्क चटाई वितरित करते हैं और गंगा में गंदगी न फेंकने के प्रति भी जागरूक करते हैं।
गंगा नदी में बढ़ता प्रदूषण वैश्विक मुद्दा बन चुका है। करोड़ों रुपये की योजनाओं के अलावा कई स्वयंसेवी संगठन गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए कार्य कर रहे हैं। इसके लिए हर रविवार को नियमित रूप से गंगा सफाई का अभियान चलाया जाता है। इन सब के बीच भीमगोड़ा निवासी 70 वर्षीय सुभाष चंद का अंदाज अन्य गंगा प्रेमियों से अलग है। सुभाष चंद राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह, महात्मा गांधी, सुभाष चंद बोस आदि स्वतंत्रता सेनानियों को अपना आदर्श मानते हैं। वृद्धावस्था के इस पड़ाव पर उनके अपने ही बच्चों ने उनसे मतलब रखना छोड़ दिया। कुछ साल पहले पत्नी की मौत के बाद वह टूट से गए और बच्चों के निरस्कार करने पर वह परिवार से अलग रहने लगे। जीवन के इस संघर्ष के दौर में उन्होंने देश और गंगा के प्रति अपना प्रेम टूटने नहीं दिया। सुभाष चंद का मानना है कि गंगा की सेवा ही राष्ट्र की सेवा है। अपनी गंगा भक्ति और राष्ट्र भक्ति के साथ रोजाना हरकी पैड़ी स्थित घंटाघर के पास स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों वाला एक बैनर लटकाए लोगों को बैठने के लिए निशुल्क चटाइयां देते हैं। साथ ही लोगों से प्लास्टिक और कपड़ा आदि गंगा में न फेंकने की अपील करते हैं। चटाई का उपयोग करने के बाद लोग उन्हें वापस लौटा देते हैं। दान के रूप में लोग जो भी धनराशि देते हैं उसी से सुभाष चंद की रोजी रोटी चलती है। सुभाष चंद ने अपने पास एक रजिस्टर भी बनाया है। इसमें लोग उनके कार्य को देखते हुए संदेश लिखते हैं।