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ससुराल में पिछड़ीं अनीता को ननिहाल वालों ने पहनाया ‘ताज’

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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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नगर निगम हरिद्वार की पहली महिला मेयर बनने का गौरव हासिल करने वाली अनीता शर्मा को अपनी ससुराल कनखल में तो जबर्दस्त हार का मुंह देखना पड़ा, लेकिन उनके ननिहाल ज्वालापुर के मतदाताओं ने अनीता को सिर-आंखों पर बैठाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कनखल में भाजपा प्रत्याशी से पिछड़ चुकीं कांग्रेस की अनीता शर्मा को यहां के लोगों ने न केवल लीड दिलाई बल्कि 8384 वोटों की बड़ी बढ़त देकर उनकी हार को जीत में बदल दिया।
इस बार निकाय चुनाव में जनता ने बड़े-बड़े दिग्गजों की हवा निकाल दी है। कभी कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले कनखल में पिछले चुनाव में कांग्रेस के चार पार्षद थे, लेकिन इस बार पार्टी के खाते में पार्षद का महज एक ही पद आया है। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी अनीता शर्मा के मेयर चुने जाने से यह भी पता चलता है कि जनता में भाजपा के प्रति भी नाराजगी थी। भाजपा के अंदर कार्यकर्ताओं में मेयर प्रत्याशी के चेहरे को लेकर भी कहीं न कहीं गुस्सा था। अनीता शर्मा की ससुराल कनखल में 24 से 31 तक कुल आठ वार्ड हैं। मतगणना के दौरान अनीता शर्मा 1100 से अधिक वोटों की लीड के साथ ससुराल पहुंची थीं, लेकिन यहां उन्होंने न केवल अपनी लीड को गंवाया बल्कि भाजपा की अन्नू कक्कड़ से करीब 900 से अधिक वोटों से पिछड़ गईं।
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कनखल में आठ में से सात पार्षद भाजपा के जीते और कांग्रेस को एक ही वार्ड 30 में जीत से संतोष करना पड़ा। जब कनखल की गिनती शुरू हुई तो भाजपा की मेयर प्रत्याशी अन्नू कक्क्ड़ लगभग 1100 वोटों से पीछे थीं। जबकि, गिनती पूरी होने के बाद उन्होंने अनीता शर्मा की 1100 की लीड को न केवल खत्म किया बल्कि करीब 900 वोटों से अनीता को पीछे छोड़ दिया। लेकिन, जब अनीता के ननिहाल की बारी आई तो लोगों ने उन्हें निराश नहीं किया। यहां की जनता ने 8385 वोटों से आगे कर अनीता के सिर पहली मेयर का ताज रख दिया। विकास खंड बहादराबाद से काटकर निगम में शामिल हुए जगजीतपुर और सराय क्षेत्र में जीत का अंतर तो घटा, लेकिन अनीता की बढ़त बरकरार रही।
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