सोमपाल सिंह
श्यामपुर।
आग का गोला बनी रोडवेज बस में फंसे रह गए 45 यात्रियों के चेहरों की हवाइयां उड़ गई। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर वे आपस में ढांढस बंधाते रहे। बस से कई फीट ऊंची लपटें उठने से राहगीरों की सांसें भी थमी सी रही। एहतियात के तौर पर पुलिस ने बस में लगी आग बुझने तक हाईवे से एक भी वाहन नहीं गुजरने दिया।
बस की चपेट में आई मोटरसाइकिल करीब पचास मीटर तक घिसटती चली गई। इससे उठी चिनगारी से बस के अगले हिस्से ने आग पकड़ ली। आग लगने पर यात्रियों ने बाहर निकालना शुरू किया तो बस के भीतर भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। कुछ यात्रियों ने जैसे-तैसे हालात संभाले। कुछ यात्री तो बस की खिड़कियों से नीचे उतरे। बस से उतरने के बाद सड़क किनारे यात्रियों ने जब बस को धू-धू कर जलते देखा तो उनके रोंगटे खड़े हो। सब के सब खुद को किस्मतवाला बताकर एक- दूसरे का हौसला बढ़ाते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हर किसी के मुंह से यही निकल रहा था कि जान बची लाखों पाए।
थानाध्यक्ष पगदीप मिश्रा ने बताया कि कई यात्रियों को तो पुलिस ने काफी देर तक पास में ही बैठाकर रखा। हालात सामान्य होने पर उन्हें दूसरे वाहनों से गंतव्य की ओर भेजा गया।
दमकल वाहन पहुंचने में लगा वक्त
हरिद्वार। शहर से काफी दूरी होने से दमकल वाहन को पहुंचने में समय लग गया। तब तक आग अपना काम कर चुकी थी। हालांकि दमकल महकमे ने शेष बची आगे को चंद मिनट में बुझा लिया।
ऋषिकेश के निवासी थे डिप्टी रेंजर
हरिद्वार। वर्ष 2014 से चिड़ियापुर रेंज में तैनात रहे डिप्टी रेंजर देवेंद्र प्रसाद भट्ट मूल रूप से देहरादून जिले के आईडीपीएल बीस बीघा ऋषिकेश के रहने वाले थे। उनकी शादी पांच वर्ष पहले हुई थी। अब तक उनकी कोई संतान नहीं थी। हादसे में डिप्टी रेंजर की मौत से वन महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। प्रभागीय वनाधिकारी आकाश वर्मा, एसडीओ पीएस शर्मा, चिड़ियापुर रेंज के रेंजर केसी भंडारी जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों के अलावा वनकर्मियों का जमावड़ा भी जिला अस्पताल कैंपस में लग गया था।
चालक परिचालक फरार
हरिद्वार। दुर्घटना के बाद आरोपी चालक के साथ- साथ परिचालक भी फरार हो गया। वे कब फरार हुए इसका यात्रियों को भी पता नहीं चल सका। यात्री भी उन्हें ढूंढते रह गए। एसओ प्रदीप मिश्रा ने बताया कि जली हुई बस कब्जे में ले ली गई है। चालक की तलाश कर रहे हैं।