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चार डॉक्टरों अवकाश पर जाने से मरीज अस्पताल आकर हो रहे बीमार

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जिला अस्पताल के चार डाक्टरों के एक साथ अवकाश पर जाने से इलाज की व्यवस्था पटरी से उतरी रही। डाक्टरों के अवकाश के बारे में कोई सूचना चस्पा नहीं होने से मरीज बाल रोग, नेत्र रोग, एनेस्थेशिया, और फिजिशियन के कक्ष के बाहर उनका इंतजार करते रहे।
जिला अस्पताल में वर्तमान में बाल रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति पाठक चार मार्च से अवकाश पर हैं। वह कब ड्यूटी ज्वाइन करेंगी, इस बारे में कोई जानकारी प्रबंधन के पास नहीं है। ऐसे में पर्चा बनाने के बाद भी बाल रोगियों और उनके तीमारदारों को निराश लौटना पड़ रहा है। श्यामपुर क्षेत्र से आए हरपाल सिंह ने बताया दस दिन पहले आने पर भी डाक्टर नहीं मिले। आज भी निराश लौटना पड़ रहा है। चंडीघाट से बच्चे को दिखाने आई अनीता, जगजीतपुर की हरमीत वालिया आदि भी बिना डाक्टर को दिखाए वापस जाने को मजबूर रही। बाल रोग ओपीडी में औसतन प्रतिदिन 60 से 80 तक बच्चों को देखा जाता है। सीएमएस डा. अजय सिंह सेंगर ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ 4 मार्च से 15 दिन के अवकाश पर गईं थी। उनकी अवकाश बढ़ाने को एप्लीकेशन आई है। अब अधिक अवकाश बढ़ाए जाने का उन्हें अधिकार नहीं है।
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जिला अस्तपाल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. सुब्रत अरोड़ा और उनकी पत्नी एनेस्थीशिया विशेषज्ञ डा. निष्ठा गुलाटी 20 मार्च से 6 अप्रैल तक अवकाश पर हैं। हालांकि उनके स्थान पर ओपीडी करने वाले अन्य डाक्टर मौजूद है। जनरल फिजिशियन डा. राम प्रकाश मिश्रा भी तीन दिन से अवकाश पर हैं। ऐसे में इमरजेंसी, वीआईपी, पोस्टमार्टम के साथ ही ओपीडी चलाने में दिक्कतें आ रही है।


हृदय रोग विशेषज्ञ भी नहीं रहेंगे
इलाहाबाद हाईकोर्ट में किसी मामले में तारीख होने से हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अनुपम चतुर्वेदी को वहां भेजा जा रहा है। वह पहले लखनऊ और फिर हाईकोर्ट इलाहाबाद जाएंगे। ऐसे में तीन से चार दिन तक उनकी ओपीडी के साथ अन्य कार्य भी प्रभावित होंगे।

अब अस्पताल में पांच ओपीडी संचालित
चार डाक्टरों के अवकाश पर होने से अस्पताल में सर्जन, हड्डी रोग, जनरल फिजिशियन, फिजिशियन और नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी ही चल रही है। ऐसे में सर्जन और फिजिशियन की ओपीडी में भीड़ है। ऐसे में मरीजों का नंबर कई-कई घंटों में आया।

सीएमएस भी देरी से आते हैं
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अजय सिंह सेंगर देहरादून से रहते हैं। वह हरिद्वार में देहरादून से ही ड्यूूटी करते हैं। दूर रहने से वह देरी से अस्पताल पहुंचते हैं। शनिवार को तो अस्पताल आते ही नहीं है। ऐसे में अस्पताल में अव्यवस्था हावी रहती है।
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बाल रोग, नेत्र रोग, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के परिजन बीमार होने से उन्हें अवकाश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्यक्रमों में भी डाक्टरों की ड्यूटी लगाई जाती हैं। इससे अस्पताल में ओपीडी बाधित होती है।
- डा. अजय सिंह सेंगर, सीएमएस, जिला अस्पताल।
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