बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि छात्राओं को अपने अंदर छिपी नेतृत्व क्षमता का सदुपयोग देश को एक आदर्श और सुशासित राष्ट्र बनाने के लिए करना चाहिए। लड़कियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़कर राष्ट्र हित में अपना योगदान देना चाहिए। तभी हम देश को एक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाकर खड़ा कर सकते हैं।
महिला विद्यालय डिग्री कॉलेज के छात्रा संघ सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि एक शिक्षित नारी के बिना सभ्य और विकसित समाज की कल्पना भी नहीं किया जा सकती है। विशिष्ट अतिथि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षित होना जरूरी है। शिक्षित नारी ही श्रेष्ठ नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकती है।
महाविद्यालय की सचिव डा. वीणा शस्त्री ने छात्रासंघ की ओर से आयोजित रंगारंग कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे छात्राओं के कौशलवर्धन व नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। कालेज की प्राचार्या डॉ. शशी प्रभा ने अतिथियों का आभार जताया। इस दौरान कॉलेज की पत्रिका मुख्य वीणा का विमोचन हुआ। शीशराम मेमोरियल ट्रस्ट के संस्थापक डा. अशोक शास्त्री ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में योगेश्वर कृष्ण के जीवन दर्शन एवं जीवन की मुख्य घटनाओं पर आधारित नृत्य नाटिका का मंच संयोजन प्रदीप महाराज और स्वाति शर्मा ने किया। जिसमें हंसवी टोंक, प्रज्ञा द्विवेदी, सौफिया नाज छात्राओं ने प्रस्तुति दी। ऋतुसंहार में ऋतुओं के परिवर्तन को चित्र के परिवर्तन के साथ संबद्ध करते हुए कोमल, सौफिया, पूजा, प्रज्ञा, हंसवी टोंक ने सुंदर प्रस्तुति दी। सरकार द्वारा तीन तलाक को खत्म करने की पहल पर सिमरनजीत कौर, सूफिया, शिवानी, रेशमा, नेहा, हरप्रीत, मानसी, शीतल, प्राची, कोमल ने सुंदर नाटक प्रस्तुत किया। सूफी दर्शन को कव्वाली के माध्यम से रीया, राधिका, आयुषी, मानसी, प्राची, दीपाली, स्नेहा, वंशिका, निकेतन, शिखा ने प्रस्तुत किया।
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