हरिद्वार। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने पॉलिथीन के प्रयोग करने और गंदगी फैलाने के खिलाफ अभियान चलाकर एक महीने में 288 लोगों का चालान करके एक लाख 22 हजार का जुर्माना वसूला। इस अभियान का असर यह हुआ है कि बाजार में पॉलिथीन के स्थान पर कैरीबैग का चलन धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।
नगर निगम की ओर से राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) और हाईकोर्ट के पॉलिथीन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के अनुपालन जिलाधिकारी के निर्देश पर अभियान हुआ है। जबकि उत्तराखंड कूड़ा फेंकना, थूकना परितोषिक अधिनियम 2016 के अनुपालन में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार व मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कैलाश गुंज्याल के नेतृत्व में गठित सेनेटरी इंस्पेक्टरों की टीमों की ओर से निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि जून माह में पॉलिथीन का उपयोग करते पाए जाने वाले 129 दुकानदारों का चालान किया गया और उनसे 59 हजार 400 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसी प्रकार गंदगी फैलाने पर 158 दुकानदारों का चालान कर उनसे 62 हजार 700 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने बताया पॉलिथीन पूरी तरह से बंद होने तक नगर निगम का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि हम 5000 रुपये जुर्माना कर सकते हैं। अब दुकानों के साथ गोशाला से फैलाई जा रही गंदगी पर फोकस किया जाएगा। नालों, सड़क और सार्वजनिक स्थान पर गोबर फेंककर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।