अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने 1919 में जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कैंडल मार्च निकाला।
राकेश मल्होत्रा ने कहा कि जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे निहत्थे भारतीयों पर जनरल डायर की अगुवाई में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। उस नरसंहार में पंजाबी समाज ने बड़ी संख्या में कुर्बानी दी थी। रवि धींगड़ा एवं प्रवीण कुमार ने कहा कि अंग्रेजी हुुकूमत ने बर्बरता का परिचय दिया। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि देश के अमर शहीदो के आदर्शों को जीवन में अपनाना चाहिए। अनिल खुराना एवं संजय चोपड़ा ने कहा कि संगठित होकर ऐसी ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी जो समाज को तोड़ने का काम करती है। राकेश नागपाल और नारायण आहूजा ने कहा कि शहीदों के प्रति जागरूकता होनी चाहिए।
भगत सिंह चैक पर शहीदे आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर महासभा ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर अमर कुमार, सुनील अरोड़ा, जगदीशलाल पाहवा, सरदार गजेन्द्र, गौरव अरोड़ा, विक्की तनेजा, गुलशन भाटिया, सतीश गुजराल, राम अरोड़ा, प्रदीप सेठी, देवेंद्र चावला, इंद्र अरोड़ा, अनिल सचदेवा, प्रदीप कालरा, संदीप कपूर, प्रमोद कुमार, अजय बजाज, बलराज पाहवा, सतपाल अरोड़ा, जगदीश लूथरा, तरुण डुडेजा,आशीष टंडन, वीशू, शैलेंद्र, पम्पी अरोड़ा, पायल मनचदा, सतीश जैन आदि शामिल रहे।