अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
वेतन नहीं मिलने से नगर निगम के सफाई कर्मचारियों में रोष है। इस मुद्दे को लेकर सफाई सुपरवाइजरों ने शुक्रवार को सफाई मजदूर कांग्रेस के कार्यालय में बैठक कर एमएनए पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए शनिवार को मेयर से मिलने का निर्णय लिया गया है।
सफाई सुपरवाइजरों ने कहा कि सफाई कर्मचारियों तथा कार्यालय कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी लगाई जाती है। कार्यालय कर्मचारियों को तो वेतन का भुगतान कर दिया गया है, परंतु सफाई कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया जा रहा है। राजेंद्र श्रमिक ने कहा कि सात तारीख को वेतन भुगतान का प्रावधान होने पर भी नगर आयुक्त ने वेतन रोक रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। बैठक में सुरेंद्र तेश्वर, आत्माराम बैनीवाल, सुनील राजौर, अशोक कुमार, सलेख चंद, शिवकुमार, नीरज बागड़ी, राजू खैरवाल आदि ने विचार व्यक्त किए।
सुपरवाइजरों ने मस्टररोल नहीं दिए
सफाई कर्मचारियों को सबसे पहले वेतन मिलना चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजरों तथा सफाई निरीक्षकों ने अब तक उपस्थिति का मस्टररोल नहीं दिया है। सफाई सुपरवाइजरों को सफाई निरीक्षकों के माध्यम से मस्टररोल भरकर देना होता है। स्वास्थ्य विभाग से मस्टररोल मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा। समय पर मस्टररोल जमा नहीं कराने वाले सफाई सुपरवाइजरों व सफाई निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - नितिन सिंह भदौरिया नगर आयुक्त