अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
रेलवे रोड के नाले से हटाए गए खोखा दुकानदारों को विकल्प नहीं देने पर हाईकोर्ट ने सरकार और नगर निगम को जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने सरकार व नगर निगम को अपना पक्ष 22 फरवरी तक रखने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी विकल्प नहीं देने पर हाईकोर्ट में दायर रिट पर सरकार और नगर निगम को नोटिस जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की सूची के मुताबिक 115 खोखा दुकानदारों को विकल्प दिया जाना था, परंतु भाजपा पार्षदों ने इसके साथ ही 107 अन्य लोगों की भी सूची बना दी। उनका तर्क है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान में ये भी प्रभावित हुए थे। आरोप है कि जिन 107 लोगों की सूची पार्षदों ने बनाई है, उनमें उन्होंने खुद को भी छद्म नामों से शामिल कर लिया था। खोखा (दुकान) की जगह मिलने के लालच में विपक्षी कांग्रेस के कई पार्षद भी भाजपा पार्षदों के साथ खड़े हो गए थे। भाजपा ने बोर्ड में प्रस्ताव पारित कर जिस नाले से खोखे हटाए गए थे, वहीं पर फिर से खोखा दुकानदारों को पुनर्वासित करने का निर्णय लिया था। इसका नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार व पार्षद अमन गर्ग ने विरोध किया। उन्होंने बोर्ड के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने बोर्ड के निर्णय पर रोक लगाते ुहए सरकार को छह सप्ताह में विकल्प उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। बावजूद इसके कोई निर्णय नहीं होने पर चोखेलाल आदि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए हाईकोर्ट की शरण में गए। हाईकोर्ट ने 22 फरवरी तक सरकार व नगर निगम का जवाब तलब किया है।
विकल्प के लिए कई स्थान सुझाए
याची चोखेलाल ने बताया कि सुप्रीमकोर्ट की सूची वाले खोखाधारकों को दुकान बनाने के लिए पावनधाम भूपतवाला के सामने, आरटीआई देवपुरा की खाली भूमि के साथ जगजीतपुर स्थित सलेजफार्म में सड़क की ओर का विकल्प सुझाया गया है। सलेजफार्म को अब नगर निगम सीमा में ले लिया गया है। ऐसे में वहां भी दुकान बनाने के लिए जगह दी जाए तो स्वीकार है। भाजपा नेता सुभाष चंद का कहना है कि विकल्प सबको मिलना चाहिए। सरकार व नगर निगम को विकल्प देने में अब और देरी नहीं करनी चाहिए।
हाईकोर्ट में याचिका स्वीकार होने से उत्साह
हाईकोर्ट का याचिका स्वीकार करने और सरकार व नगर निगम को नोटिस जारी करने पर भाजपा के पार्षदों में उत्साह है। भाजपा नेता सुभाष चंद का कहना है कि पार्षद सबको विकल्प दिलाने को लेकर एकजुट हैं। पार्षद राजेश शर्मा, अनिल मिश्रा आदि फिर से सक्रिय हो गए हैं। चुनाव का समय होने से पार्षद अपने कार्यकाल की समाप्ति से पहले खोखाधारकों को विकल्प देकर करना चाहते हैं।
खोखाधारकों को विकल्प देने का मामला नगर निगम में चल भी रहा है। हाईकोर्ट का नोटिस अभी नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद उसका अध्ययन कर नगर निगम अपना पक्ष रखेगा। बोर्ड ने सभी प्रभावितों के हित में निर्णय ले लिया था, परंतु कांग्रेस खोखाधारकों के खिलाफ खड़ी हो गई। ऐसे में उन्हें विकल्प नहीं दिया जा सका है। सरकार के स्तर पर उचित निर्णय लिया जाए, इसको लेकर वह शहरी विकास मंत्री से भी वार्ता करेंगे। - मनोज गर्ग मेयर, नगर निगम हरिद्वार