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चारधाम की रौनक से धर्मनगरी गुलजार

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हरिद्वार।
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चारधाम यात्रा की रौनक अब धर्मनगरी में धीरे-धीरे बढ़ने लग गई हैं। यात्रियों के स्वागत के लिए व्यवसायियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। खासतौर पर होटल व धर्मशाला संचालकों के साथ-साथ ट्रेवल व्यवसायियों ने यात्रियों को आकर्षित करने के लिए आकर्षक पैकेज दे रहे हैं। श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए रेलवे स्टेशन और पर्यटन कार्यालयों में पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। यात्रियों का कोई आर्थिक दोहन न कर ले इससे बचने के लिए प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। यात्रा का विधिवत रूप से पहला जत्था आज मंगलवार को मायादेवी मंदिर परिसर से रवाना होगा।
वैसे तो चारधाम यात्रा विगत 18 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक यहां चारधाम जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा नहीं थी। इसका प्रमुख कारण यह माना जा रहा है कि चार में से केवल अभी दो धाम (गंगोत्री और यमुनोत्री) के ही कपाट खुले हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ के कपाट आगामी 28 और 29 अप्रैल को खुलने हैं। फलस्वरूप अब श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी हैं। अक्सर चारधाम यात्रा के दौरान ये बातें सामने आती रहती हैं कि होटल संचालक और ट्रेवल व्यवसायी यात्रियों से धोखाधड़ी कर लेते हैं। जिसकी वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन इस बार ऐसी समस्याओं से बचने के लिए कृतसंकल्प दिख रहा है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने विभागीय अधिकारियों को अपने स्तर से यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं कि यात्रियों को किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
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पर्यटन विभाग से पंजीकृत एजेंसियों से करें वाहन बुक
हरिद्वार। चारधाम यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा समस्याएं ट्रेवल एजेंसियों के वाहनों को लेकर आती हैं। कई वाहन संचालक पैसे ज्यादा लेते हैं तो कई चालक बीच में यात्रियों को छोड़कर भाग जाते हैं। हर सीजन में पांच-सात ऐसे मामले पुलिस तक पहुंचते ही हैं। इस संबंध में हरिद्वार टूर एंड ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश पालीवाल और महामंत्री सुमित श्रीकुंज का कहना है कि जो यात्री यात्रा पर जाना चाहते हैं उन्हें उत्तराखंड पर्यटन विभाग से पंजीकृत ट्रेवल एजेंसियों से संपर्क कर वाहन बुक करने चाहिए। शहर में करीब ऐसी 100 एजेंसियां कार्यरत हैं। बिना पंजीकरण एजेंसियां से गाड़ी बुक करने से कई तरह के रिस्क बने रहते हैं। जबकि एजेंसियों से वाहन बुक करने पर कोई दिक्कत होती है तो एसोसिएशन पदाधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस चारधाम यात्रा पर एसोसिएशन की ओर से छोटे वाहनों के दाम 2500 रुपये से लेकर 3500 रुपये प्रतिदिन तक तय किए हैं। टवेरा सरीखी मध्यम वाहनों के दाम 4000 -5000 रुपये प्रतिदिन और टैंपो ट्रेवल के दाम करीब 4500-6000 रुपये प्रतिदिन तक निर्धारित किए हैं।

होटल और धर्मशालाएं भी तैयार
हरिद्वार। धर्मनगरी में करीब दो हजार छोटे-बड़े होटल, धर्मशालाएं और आश्रम हैं। यात्रियों के स्वागत के लिए इन दिनों तैयारी चल रही हैं। अधिकतर होटल धर्मशालाओं में रंगाई पुताई हो चुकी है तो कई में यह काम जोरशोर से चल रहा है। हरिद्वार में होटल की स्थिति के हिसाब से एक हजार रुपये से पांच हजार रुपये तक में स्थिति के अनुसार कमरे उपलब्ध हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा के अनुसार होटल लेते हुए दलालों से बचने और अपने आप होटल में पहुंचकर पहले कमरा देखने के बाद संतुष्ट होकर वहां कमरा लेना चाहिए। रिक्शा, टैंपो वालों के साथ ही राह चलते गाइड बनकर कमरे वालों से बचने की जरूरत है। धर्मशाला एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश गौड़ और महामंत्री विकास तिवारी ने दावा किया है कि धर्मशालाओं में भी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं सामान्य दामों पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

दिक्कत होने पर यहां करें संपर्क
यात्रा से संबंधित कोई भी समस्या होने पर हरिद्वार स्थित पर्यटन विभाग के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। यह कार्यालय रेलवे स्टेशन के सामने और रोडवेज बस स्टैंड के बगल में राही मोटल के परिसर में स्थित है। रेलवे स्टेशन पर पर्यटन विभाग की ओर से एक पंजीकरण केंद्र बनाया गया है। यहां भी किसी तरह की परेशानी सामने आने पर संपर्क किया जा सकता है। जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान का दावा है कि विभाग की ओर से राज्य के सभी पर्यटनों स्थलों की विशेषता, लोकेशन और वहां पहुंचने के मार्गों आदि के बारे में विस्तृत जानकारी देने वाली पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।

स्थानीय स्थल भी बना सकते हैं यात्रा को यादगार
हरिद्वार। प्रमुख रूप से धार्मिक और पर्यटन स्थल देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को आकर्षित करते रहते हैं। इनमें शिवालिक पर्वत माला पर स्थित माता मंशा देवी, नील पर्वत पर स्थित माता चंडी देवी, बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर, दक्षेश्वर महादेव मंदिर, माया देवी मंदिर, नीलेश्वर महादेव मंदिर, भारत माता मंदिर, शांतिकुज, लाल माता मंदिर, सुरेश्वरी देवी मंदिर के साथ ही बिजनौर-नजीबाबाद मार्ग पर स्थित झिलमिल झील, राजाजी पार्क की रानीपुर और चीला रेंज के अलावा पार्क के पास बसे टोंगिया गांवों की संस्कृति भी पर्यटन के लिहाज से यात्रा को सुखद और यादगार बना सकती है। अगर समय थोड़ा ज्यादा है तो सुल्तानपुर, लक्सर के पास ग्राम पंचेवली स्थित पांडवों की याद दिलाने वाला श्री पंचलेश्वर महादेव मंदिर भी धार्मिक पर्यटन का अच्छा केंद्र है।

मित्र पुलिस नजर आएगी बेहतर गाइड
चारधाम यात्रा के दौरान मित्र पुलिस पर्यटन पुलिस के रूप में मित्र और गाइड के रूप में नजर आएगी। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि हरिद्वार में सभी प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर पुलिसकर्मियों की मदद ली जा सकता है।
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ऑनलाइन बुकिंग भी बेहतर विकल्प
हरिद्वार। यात्रा के साथ ही स्थानीय यात्रा के दौरान भी होटल और ट्रेवल की सुविधा के लिए ऑनलाइन कंपनियां भी यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प बन रही हैं। होटल व्यवसायी विभाष मिश्रा की मानें तो इन दिनों अधिकतर बुकिंग ऑनलाइन ज्यादा होने लगी हैं। हरिद्वार के अधिकतर होटल ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उस तरह की बुकिंग में यात्रियों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने के आसार कम रहते हैं। साथ ही यात्री को पैसे भी कम खर्च करने पड़ते हैं, क्योंकि इस सिस्टम के तहत कम दाम पर होटल उपलब्ध हो जाते हैं।
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