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रविंद्रपुरी ने नकारे रामानंद पुरी के आरोप

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हरिद्वार। निरंजनी अखाड़े के संत रविंद्र पुरी ने अपने ही अखाड़े के संत रामानंद पुरी द्वारा लगाए गए इस आरोप को पूरी तरह निराधार बताया कि उन्होंने महंत रामानंदपुरी को बंधक बनाकर रखा तथा संपत्तियों के संबंध में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। उनका कहना है कि पूरा मामला अखाड़े की संपत्तियों से जुड़ा है, इन संपत्तियों पर किसी भी संत का निजी अधिकार नहीं है। कुछ लोग महंत रामानंदपुरी को माध्यम बनाकर संपत्ति हड़पने की कोशिश कर रहे है जिन्हें सफल नहीं होने दिया जाएगा।
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महंत रामानंद पुरी ने रविवार को अपने कुछ सहयोगियों के साथ देहरादून में पत्रकारों से वार्ता करते हुए आरोप लगाया था कि अखाड़े के संत रविंद्र पुरी ने उन्हें बंधक बना कर रखा था और हरिद्वार स्थित रामानंद इंस्ट्ीट्यूट एवं अन्य संपत्तियों के कागजों पर उनसे हस्ताक्षर कराए। रामानंदपुरी की इस पत्रकारवार्ता के बाद करोड़ों की संपत्ति वाले रामानंद इंस्टीट्यूट का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। सेामवार को महंत रविंद्र पुरी ने पत्रकारों के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संत के पास अपनी कोई निजी संपत्ति नहीं होती। जो भी कुछ है वह सब कुछ अखाड़े का है। उन्होंने रामानंद इंस्ट्रीट्यूट का प्रबंध तंत्र अखाड़े के निर्देश के अनुरूप ही अपने हाथों में लिया है। कहा कि कुछ लोग रामानंद पुरी को माध्यम बनाकर संपत्तियों पर कब्जा करना चाहते है लेकिन अखाड़े के संत ऐसा किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे। महंत रामानंदपुरी को दिल्ली के एक पूर्व विधायक एवं कुछ अन्य लोगों द्वारा धोखे से एक कार्यक्रम में शिरकत करने के नाम पर इलाहाबाद से लाया गया। ऐसे लोगों के खिलाफ इलाहाबाद में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अखाड़े की संपत्ति को किसी भी सूरत में खुर्द बुर्द नहीं होने दिया जाएगा।
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