हरिद्वार-नजीबाबाद राजमार्ग पर तिरछे पुल हाथियों का झुंड आ धमका। हाईवे पर हाथियों के आने से वहां से गुजर रहे वाहन चालकों में अफरा तफरी मच गई। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। वन विभाग के कर्मचारियों ने हाथियों को जंगल की तरफ खदेड़ा। इसके बाद ही यातायात सुचारु हुआ।
हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौरीशंकर क्षेत्र से नहर पटरी से सटे जंगल से तिरछे पुल से रोजाना शाम के समय हाथियों का आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस जगह पर हर रोज शाम हाथी हाईवे को पार करते हैं। बुधवार शाम को करीब छह बजे हाथियों का झुंड पुल के पास आ धमका। हाथियों के आने से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। चालकों ने अपने वाहन जहां-तहां खड़े कर दिए। हाथियों का झुंड काफी देर तक हाईवे पर ही मंडराता रहा। दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतारें लग गई। वन दरोगा रवि शंकर दुबे, वन आरक्षी रूपचंद और करुण सैनी ने हाथियों को तिरछा पुल पर कराया और जंगल की तरफ खदेड़ दिया। इसके बाद ही वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सकी। वन क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह पुंडीर का कहना है कि शाम के समय गौरी शंकर मंदिर के जंगल से हाथी निकल तिरछा पुल पार करके नीलधारा गंगा में पानी पीने के लिए जाते हैं। जिस समय हाथियों की निकलने की आवाजाही रहती है, तो मौके पर पहले से ही वन विभाग के कर्मचारी तैनात कर दिए जाते हैं।