ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
पुलिस प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण वनकर्मियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पांच मई तक वनकर्मी पर हमले के आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर वन बीट अधिकारी कर्मचारी संघ, सहायक वन कर्मचारी संघ और वन आरक्षी संघ के बैनर तले सभी वन दरोगा और वन बीट अधिकारी एसएसपी कार्यालय और श्यामपुर थाने में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठेंगे।
नौ अप्रैल को वन विभाग की श्यामपुर रेंज की टीम ने गाजीवाली में अवैध रूप से खनन करते हुए छह बुग्गियों को पकड़ा था। आरोपी कुलदीप चौधरी ने अपने साथियों के साथ वन विभाग की टीम को घेर लिया था। कुलदीप ने वन आरक्षी से अभद्रता करते हुए रायफल छीनने का प्रयास किया था। वन प्रभाग ने श्यामपुर थाना में कुलदीप चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। डीएफओ ने एसएसपी से जांच में तेजी लाने की लिखित में मांग की थी।
मंगलवार को वन आरक्षी संघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष कोठारी और सहायक वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रमोहन कोठारी के नेतृत्व में श्यामपुर थाना में प्रभारी थानाध्यक्ष से वार्ता की और पांच मई तक कुलदीप चौधरी की गिरफ्तारी की मांग की। वन आरक्षी संघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष कोठारी ने कहा कि यदि जल्दी ही गिरफ्तारी नहीं होती है तो हरिद्वार के सभी वन दरोगा, वन बीट अधिकारी फायर सीजन का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। वन क्षेत्राधिकारी खुशाल सिंह रावत, वन बीट अधिकारी संघ शिवालिक वृत्त के अध्यक्ष ओपी सिंह, शाखा अध्यक्ष राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
साक्ष्य होने पर भी मौन क्यों है पुलिस
वन आरक्षी के साथ अभद्रता के सभी साक्ष्य वीडिया और फोटो के रूप में वन प्रभाग के पास है। पुलिस को भी साक्ष्य दिए गए हैं, लेकिन फिर भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने से बच रही है। सूत्र बताते हैं कि अरोपी कुलदीप चौधरी को सत्ताधारी पार्टी के मंत्री और विधायक का संरक्षण प्राप्त है। जिस कारण राजनीतिक दबाव में पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।