अमर उजाला ब्यूरो
पथरी।
उम्मीद थी कि सरकार बदलने के साथ संपर्क मार्गों की बदहाली भी बदलेगी और लोगों की परेशानी दूर होगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सरकार बदलने के एक साल बाद भी क्षेत्र के संपर्क मार्गों की स्थिति जस की तस है।
सुखरासा के निकट पथरी रोह नदी का पुल क्षतिग्रस्त है। पिछले दो साल से इस पुल पर आवागमन बंद है। एकड़ खुर्द व इब्राहिमपुर के बीच पथरी रोह नदी का रपटा भी टूटा हुआ है। गन्ना सीजन होने से क्षतिग्रस्त सड़कों के चलते सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को गन्ना ढोने में उठानी पड़ रही है। टिहरी डोब नगर से आदर्श टिहरी नगर, नसीरपुरकलां से दुर्गागढ़, मुस्तफाबाद (पदार्था) से वनगुर्जर बस्ती, ऐथल से सुभाषगढ, अंबूवाला से पथरी रेलवे स्टेशन, सुखरासा से अंबूवाला, फेरूपुर से चांदपुर, फेरूपुर से कटारपुर, बहादरपुर जट सेकटारपुर, बिशनपुर कुंडी से कटारपुर, रानीमाजरा से चांदपुर, बादशाहपुर सेहरसीवाला, बादशाहपुर से नसीरपुरकलां, धारीवाला से टिकौला, शेरपुर से भुवापुर चमरावल, अलावलपुर से कासमपुर, बोडाहेडी से कासमपुर, बोडाहेडी से सहदेवपुर, सहदेवपुर से दिनारपुर, सुभाषगढ़ से दिनारपुर आदि संपर्क मार्गों की स्थिति बेहद खराब है।
सुलेमान, मुस्तकीम, विनोद, सुभाष, भोपाल, सुरेश का कहना है कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर उम्मीद जगी थी कि क्षतिग्रस्त सड़कों की हालत सुधरेगी। सुशील सैनी, मांगेराम, रमेश चंद, महेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में खनन से सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व की आमदनी होने के बावजूद क्षतिग्रस्त सड़कों की सुध नहीं ली जा रही है। दूसरी ओर विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का कहना है कि क्षेत्र में जल्द ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाएगा।