मॉब लिंचिंग के विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों लोग
- मुस्लिम समाज के लोगों ने गांव सराय में काली पट्टी बांधकर निकाला जुलूस
- एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, भय का माहौल बनाने वालों पर हो कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। झारखंड के तबरेज हत्याकांड के विरोध में मुस्लिम समाज के हजारों लोग गांव सराय की सड़कों पर उतर आए और मॉब लिंचिंग के विरोध में काली पट्टी बांधकर जुलूस निकाला। मुस्लिम समाज के लोगों ने देशभर हो रही ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने और भय का माहौल बनाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची एसडीएम कुश्म चौहान के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में समाज के लोगों ने मांग की कि तरबेज के परिवार को न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक बनाई जाए।
मुस्लिम समाज के लोगों ने तबरेज हत्याकांड के विरोध में शुक्रवार को सराय में प्रदर्शन करने का एलान किया था। जिला और पुलिस प्रशासन इस प्रदर्शन को लेकर पहले से सतर्क था। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी और अधिकारी खुद नजर लगाए हुए थे। बसपा नेता मुकर्रम अंसारी के नेतृत्व में भारी संख्या में आसपास के लोग एकत्र हुए और घटना के विरोध में जुलूस निकाला। बाद में लोगों को संबोधित करते हुए बसपा नेता मुकर्रम अंसारी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सभ्य समाज के लिए शर्मनाक हैं। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे दोबारा इस तरह की घटनाएं न हों।
जमीएत उलेमा ए उत्तराखंड के अध्यक्ष मौलाना आरिफ काजमी ने कहा कि हमारे देश की पहचान भाईचारा व एकता है। परंपराओं का निर्वाह करने वाले देश के रूप में धर्मनगरी की पहचान देश दुनिया में जानी जाती है। महान देश का महान संविधान का सभी को पालन करना चाहिए। हाजी नईम कुरैशी ने कहा कि कुछ लोग देश की फिजा खराब करने की नीयत से मॉब लिचिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के अंदर मॉब लिचिंग से असुरक्षा, डर व भय का माहौल बना हुआ है। मौलाना आरिफ ने कहा कि देश की एकता अखंडता को बनाए रखने में सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि ऐसी घटनाओं पर रोक के साथ कड़े कानून भी बनाए जाएं। ज्ञापन सौंपने वालों में मुसर्रत अंसारी, नजाकत प्रधान, सलीम, शकील, ख्वाजा अफजल, आसिफ, नदीम अहमद, साजिद, काजी चांद, इसरार अंसारी, दानिश, जुबेर, गालिब प्रधान, हाजी शहाबुद्दीन, रफी खान, जब्बार मलिक, मुंसब, रियाज, नदीम अंसारी, ईनाम, शाहनजर हुसैन, फहीम मलिक, अमजद खान, ग्राम प्रधान तालिब अहमद, मौ. मुस्तफा, सलीम अहमद, फुरकान अली, आदिल अहमद, सुल्तान अहमद, सलमान अली, जुल्फिकार अहमद, रियाजुल हसन, साबिर अली, साजिद अली, मोहब्बत अली, नसीरपुर कलां, प्रधान इस्लाम, आरिफ अहमद, नूर हसन, नवाब अली सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।