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व्यर्थ नहीं जाएगा निगमानंद सानंद का बलिदान

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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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स्वामी निगमानंद सरस्वती की नौंवी पुण्यतिथि पर तीसरे दिन संतों ने कहा कि गंगा के लिए स्वामी निगमानंद और स्वामी सानंद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। गंगा की अविरलता और संरक्षण के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
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शनिवार को मातृसदन में सभा का संचालन स्वामी शिवानंद महाराज ने किया। सफदरजंग अस्पताल दिल्ली से आए शशि ने कहा कि कुछ समय सरकार को जागरूक करने के लिए देना चाहिए। इसके बाद आवश्यकता पड़ी तो वे भी अनशन पर बैठ सकते हैं। बलिया से आये योगेंद्र सिंह ने कहा कि अनशन होना चाहिए, अनशन नहीं होने से पूर्व के तप का प्रभाव कम होता जाता है। भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्रवक्ता दीपक कोठारी ने कहा कि अगर सरकार अपने लिखित आश्वासन का पालन नहीं कर रही है तो मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर उन्हें इसे पूरा करने के लिए बाध्य किया जाएगा। ब्रह्मचारिणी पद्मावती ने कहा कि स्वामी निगमानंद सरस्वती का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। स्वामी निगमानंद सरस्वती और ब्रहमलीन स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद ने युवाओं के लिए ही बलिदान दिया है, इसलिए उनके संकल्पों को आगे बढ़ाने का कार्य करें। दिल्ली से आई 11 वर्षीय विद्या ने कहा कि स्वामी निगमानंद सरस्वती के जैसा संन्यासी और शिष्य कोई बन नहीं सकता। 194 दिन तक फलाहार पर रहने वाले पुण्यानंद ने कहा कि ये सरकार जो गंगा के नाम पर आई है, उसने सबसे ज्यादा गंगा विरोधी कार्य किये हैं। ब्रह्मचारी दयानंद ने कहा कि स्वामी निगमानंद सरस्वती एक महामानव थे, जिनकी त्याग तपस्या और गुरु भक्ति का आदर्श पृथ्वी के रहने तक लाखों नौजवान अपनाकर अपने को गौरवान्वित अनुभव करते रहेंगे।
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