हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की 15 जून को हरिद्वार में होने वाली बैठक में देशभर से सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि वर्ष 2021 में होने वाले महाकुंभ की तैयारी की चर्चा करेंगे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि हरिद्वार में महाकुंभ दिव्यता और भव्यता की पूरी दुनिया में अलग छाप छोड़ेगा।
श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि सभी 13 अखाड़े भारतीय सनातन परंपराओं के वाहक हैं। इसीलिए सभी अखाड़ों को साथ लेकर महाकुंभ और अर्द्धकुंभ को संपन्न कराया जाता है। उन्होंने कहा कि अखाड़े व संत तो अपनी और से महाकुंभ मेले की तैयारियां कर रहे हैं। लेकिन, सरकार सक्रिय दिखाई नहीं दे रही है। कहा कि अगले वर्ष अक्तूबर से संत हरिद्वार पहुंचने लगेंगे। हरिद्वार में मेला भूमि लगातार कम हो रही है। ऐसे में मेला क्षेत्र का विस्तार करने के लिए संतों से सरकार ने वार्ता भी शुरू नहीं की हैं। सड़कों व पुलों के निर्माण कार्य की गति भी अत्यन्त धीमी है। हाल ही में सोमवती अमावस्या स्नान पर भीषण जाम का सामना करना पड़ा। ऐसे में यदि समय रहते व्यवस्थाएं नहीं की गई तो चार माह चलने वाले महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। सरकार को जल्द मेला अधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए। नासिक, उज्जैन और प्रयागराज की तर्ज पर उत्तराखंड सरकार 2021 में होने वाले महाकुंभ के लिए स्थाई निर्माण कराए, जिससे हरिद्वार में पूरे वर्ष होने वाले स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं को लंबे समय तक लाभ मिल सके। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि 15 जून को होने वाली अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में महाकुंभ की तैयारियों पर चर्चा करने और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से मिलकर मेले की तैयारियों में तेजी लाने की मांग भी करेंगे।