ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
धर्म के मार्ग पर अग्रसर होकर ही राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधा जा सकता है। संत महापुरुषों ने समाज को सदैव नई दिशा प्रदान की है। ये उद्गार आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि ने भूपतवाला स्थित हरिधाम सनातन सेवा आश्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का स्वागत करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि धर्म के संरक्षण और संवर्द्धन में संत समाज की सदैव अहम भूमिका रही है। क्योंकि संत ही समाज को ज्ञान की प्रेरणा देकर धर्म व सत्य के मार्ग पर अग्रसर करते हैं। महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि सनातन परंपराओं का निर्वाह करने में संत समाज की अहम भूमिका है। युवा समाज को संतों के जीवन से प्ररेणा लेकर और भारतीय संस्कृति को अपनाकर धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए और पाश्चात्य संस्कृति का त्याग कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेला सनातन धर्म का सबसे बड़ा पर्व है। प्रयागराज की तर्ज पर हरिद्वार महाकुंभ में किसी भी फर्जी संत को घुसने नहीं दिया जाएगा। महाकुंभ में उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। इस अवसर पर स्वामी अम्बिका पुरी, स्वामी आशुतोष पुरी, महंत लखन गिरि, स्वामी रवि वन, महंत डोगर गिरि, श्रीमहंत आशीष गिरि, स्वामी सत्यानंद गिरि, महंत जमनादास, स्वामी विकास गिरि, आचार्य पंडित मनीष जोशी, सुनील दत्त, नंदकिशोर जोशी आदि मौजूद रहे।