ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। पतंजलि ने अपने उत्पादों की श्रृंखला में अब दुग्ध उत्पाद को जोड़ते हुए पतंजलि दूध, टोंड मिल्क, मक्खन, दही, छाछ और पनीर एक साथ लांच किए गए। उन्होंने दावा किया है कि पतंजलि का दूध बाजार में ग्राहकों को 40 रुपये लीटर उपलब्ध होगा। साथ ही पतंजलि का टेट्रा पैक्ड दूध पैकिंग के छह माह बाद तक सुरक्षित रहेगा। उन्होंने इसे दुग्ध क्रांति बताते हुए उत्पाद की शुद्धता और लोगों की विश्वसनीयता पर हमेशा खरा उतरने की बात कही।
सोमवार की शाम पतंजलि ग्रामोद्योग एवं गोशाला फार्म बहाद्दरपुर सैनी में दूध के उत्पादों को लांच करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि के स्वदेशी और उच्च गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पाद अन्य कंपनियों की तुलना में सस्ते और 100 प्रतिशत स्वास्थ्य वर्धक हैं। अन्य डेरियों का टोंड मिल्क 44 रुपये प्रति लीटर है जबकि पतंजलि इसे मात्र 40 रुपये में देश के नागरिकों को उपलब्ध करा रहा है। बाजार में उपलब्ध अन्य कंपनियों के मक्खन में कृत्रिम रूप से पीला रंग मिलाया जाता है, जिससे आम नागरिकों को गाय के दूध का मक्खन बताकर भ्रमित किया जाता है। पतंजलि द्वारा तैयार किए गए मक्खन में किसी प्रकार का केमिकल या रंग प्रयोग नहीं किया गया है। गाय के दूध में कैरोटिन के कारण इसका पीला रंग पूर्ण रूप से प्राकृतिक है। उन्होंने बताया कि कैरोटिन ब्रेन, हार्ट और आंखों के लिए बहुत लाभकारी है। इस तरह पतंजलि दही भी अन्य कंपनियों की तुलना में 5 रुपए सस्ती है। पतंजलि का दूध टेट्रा पैक में भी उपलब्ध है। इस दूध को प्रयोग करने की अवधि छह माह है। यहीं नहीं जड़ी बूटी युक्त युक्त हर्बल मिल्क भी पतंजलि जल्द उपलब्ध कराएगा। इस दौरान स्वामी रामदेव ने दावा किया कि देश में सबसे ज्यादा बिकने वाला गाय का घी पतंजलि का है। इसी तरह पतंजलि के अन्य दुग्ध उत्पाद भी भारत में श्रेष्ठ विकल्प बनकर उभरेंगे। गाय के दूध को पतंजलि राजस्थान के बीकानेर व झुंझूनु, हरियाणा और महाराष्ट्र इत्यादि से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों को दूध का उचित दाम मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक 15,000 किसानों के खातों को पतंजलि से जोड़ा जा चुका है। वर्तमान समय में 4 लाख लीटर दूध एकत्र किया जा रहा है। पतंजलि का 10 लाख लीटर दूध एकत्र करने का लक्ष्य है।
गो नस्ल सुधारने में पतंजलि कार्यरत
स्वामी रामदेव ने कहा कि गो नस्ल सुधार के क्षेत्र में भी पतंजलि तेजी से कार्य कर रहा है। गो नस्ल सुधार के लिए अच्छी नस्ल का सीमन पतंजलि उपलब्ध कराएगी। ऐसा भी सीमन तैयार किया जा रहा है, जिससे 99 प्रतिशत बछिया ही पैदा होंगी। बताया कि पतंजलि गोशाला में 10.25 लीटर दूध देने वाली देशी नस्ल की गाय हैं। 50 लीटर दूध देने वाली देशी गाय तैयार करना पतंजलि का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि पतंजलि नेवासा, महाराष्ट्र, मेरठ और हाथरस में एक-एक और जयपुर, राजस्थान में 2 प्लांट उत्पाद निर्मित कर रही है। मक्खन बनाने का कार्य मेवासा-महाराष्ट्र में किया जा रहा है।