ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। भाई-भाभी द्वारा हरिद्वार में लावारिस छोड़ दी गई 70 वर्षीय बुजुर्ग कलावती का आशियाना अब नई दिल्ली का ‘अपना घर’ आश्रम होगा। हरिद्वार पुलिस के अथक प्रयास से यह सब संभव हो सका है। सोमवार को यहां पहुंचे आश्रम के कर्मचारी बुजुर्ग को अपने साथ लेकर रवाना हो गए।
रविवार को हरकी पैड़ी क्षेत्र में लावारिस अवस्था में एक बुजुर्ग स्थानीय पुलिस को मिली थी। पुलिस चौकी लाकर जब बुजुर्ग से पुलिस ने बातचीत की तो उसकी व्यथा सुनकर पुलिस भी एक बारगी सन्न रह गई। बुजुर्ग महिला ने अपना नाम कलावती (70) पत्नी हीरालाल निवासी सरस्वती नगर अजमेर राजस्थान बताया। उसने जानकारी दी कि कई साल पहले उसका पति उसे छोड़कर चला गया था। फिर वह अपने भाई मोहनलाल भीलवाडा के पास रहने लग गई थी। कुछ समय बाद उसका भाई उसे एक आश्रम में छोड़कर चला गया। कुछ समय पूर्व आश्रम प्रबंधन ने भी उसे बाहर निकाल दिया। ऐसे में वह दोबारा से अपने भाई के घर रहने चली गई। बताया कि कुछ दिन पहले उसके भाई और भाभी अजमेर जाने के बहाने उसे हरिद्वार लेकर आ गए। फिर उसे यहां छोड़कर चले गए। बुजुर्ग की आपबीती सुनकर पुलिस भी पसीज गई। पुलिस ने क्षेत्र के कई आश्रमों में संपर्क साधकर बुजुर्ग को आश्रय देने का प्रयास किया, लेकिन एक भी आश्रम संचालक इस बात को राजी नहीं हुआ। आखिर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने दिल्ली के ‘अपना घर’ आश्रम से संपर्क साधा तो वह तुरंत बुजुर्ग को आश्रय में रखने के लिए राजी हो गए। सोमवार सुबह आश्रम से महिला पुरुष कर्मचारी यहां पहुंच गए और पुलिस ने बुजुर्ग को उनकी सुपुर्दगी में दे दिया। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी की माने तो बुजुर्ग हंसी खुशी यहां से गई है।