पिछले साल ही अक्तूबर में नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस की प्रत्याशी अनीता शर्मा मेयर चुनी गई थी। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अन्नु कक्कड़ को 3467 मतों से पराजित किया था। हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर निगम के 37 वार्डों में कांग्रेस की अनीता शर्मा ने भाजपा की अन्नु कक्कड़ से लगभग 800 मतों की बढ़त ली थी। कांग्रेस छह महीने भी मतदाताओं को अपने साथ बनाए रखने में नाकाम रही है।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अंबरीष कुमार को बहुत ही बुरी हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा प्रत्याशी डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र में 64435 मत प्राप्त हुए जबकि कांग्रेस के अंबरीष कुमार का स्थानीय व बाहरी का मुद्दा टिक नहीं पाया और उन्हें 21165 मत मिले हैं। शहरी विधानसभा में 43 हजार से अधिक मत भाजपा को मिले।
जाहिर है कि कांग्रेस आम लोगों से बुरी तरह से कट चुकी है और उसका कोई भी मुद्दा जनता को अपील नहीं कर रहा है। वर्ष 2000 तक अंबरीष कुमार का शहर में खोटा सिक्का भी चलता था। उनकी राजनीतिक विरासत को भाजपा के मदन कौशिक ने समेट लिया है और वह उत्तराखंड बनने के बाद से छाए हुए हैं।
कांग्रेस का कोई भी नेता गरीबों की बस्तियों में नहीं झांकता है। किसी गरीब की मदद के लिए पुलिस थाने और कचहरी में खड़ा दिखाई नहीं देता है। मदन कौशिक ने इस काम को बखूबी संभाल रखा है। उनके कार्यकर्ता हर गली और बस्ती में लोगों के साथ रहते हैं।