हरिद्वार। राज्य सरकार की ओर से हरिद्वार को दिए जाने वाले बड़े तोहफे रिंग रोड को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने शनिवार को हरिद्वार पहुंचकर प्रस्तावित रोड के बारे में अधिकारियों से चर्चा की। रिंग रोड बहादराबाद से भेल और सिडकुल से होते हुए ब्रह्मपुरी होते हुए हिल बाईपास मार्ग तक जोड़ने और ज्वालापुर के होते हुए चंडीघाट से मोतीचूर तक बननी है।
डाम कोठी पर हुई बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने रिंग रोड की तैयार डीपीआर की प्रस्तुत की। अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने सभी विभागों को अगले दस वर्ष में शहर की आबादी और ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखकर सभी पहलुओें से आंकलन करने की बात कही। रोड निर्माण में पुल, टनल राजाजी क्षेत्र और भूमि अधिग्रहण आदि पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक में डीआईजी केवल खुराना, जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी, डीएफओ आकाश वर्मा, एसपी ट्रैफिक टीसी मंजूनाथ, भूमि अध्याप्ति अधिकारी संगीता कन्नौजिया, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुड़ियाल आदि मौजूद रहे। बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि कुंभ और अन्य आवश्यकताओं को देखते हुए रिंग रोड़ की तैयारी की जा रही है। अभी यह पहले चरण की कवायद है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि रिंग रोड बनने के बाद ऐसे सभी यात्री जो हरिद्वार तो आते है लेकिन यहां रुकते नहीं है उन्हें बाहर से बाहर ही निकालकर हरिद्वार को अनावश्यक बोझ से निजात दिलाई जाएगी।