ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
हरिद्वार। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर यातायात व्यवस्था धड़ाम रही। हरिद्वार-दिल्ली राजमार्ग पर सुबह से ही जाम लगने का सिलसिला शुरू होकर देर शाम तक रहा। राजमार्ग पर अव्यवस्था का आलम देखने को मिला। यदि डायवर्जन की व्यवस्था लागू की गई होती तो संभवत: राहगीरों को जाम में जूझना नहीं पड़ता।
हरिद्वार पुलिस ने अपने यातायात प्लान में डायवर्जन की रूपरेखा तैयार की थी, लेकिन शायद पुलिस महकमा डायवर्जन लागू करने के लिए गंभीर नहीं था। बृहस्पतिवार की देर रात श्रद्धालुओं की आमद में तेजी आई। सुबह होने पर राजमार्ग गाड़ियों से अटा पड़ा था। रुड़की बाईपास से मोतीचूर, रायवाला तक जाम की स्थिति बनी रही। बहादराबाद, ज्वालापुर, सिंहद्वार चौक, प्रेमनगर आश्रम चौक, शंकराचार्य चौक, चंडीचौक, हरकी पैड़ी बाईपास, पुराना एआरटीओ चौक, दूधाधारी चौक, भूपतवाला से लेकर मोतीचूर और रायवाला तक चारपहिया वाहनों की लंबी कतार लगी रही। पुलिस की अनदेखी से राजमार्ग पर भीषण जाम लगा रहा। कई राज्यों से आए श्रद्धालु जाम में फंसे रहे और हाईवे से सटे गंगा घाटों पर स्नान कर लौट गए।
शहरवासी भी रहे त्रस्त
हाईवे पर लगे जाम से शहरवासी भी त्रस्त दिखाई दिए। विशेषकर उन तिराहों और चौराहों पर आमजन को दिक्कत उठानी पड़ी, जहां से हाईवे को पार कर शहरवासी मुख्य शहर की तरफ पहुंचते है। हालांकि पुलिस व्यवस्था संभालने में जुटी रही लेकिन यातायात का दबाव खासा होने के चलते पुलिसकर्मियों के भी पसीने छूट गए।