हरिद्वार।
नगर निगम बोर्ड की अंतिम बैठक में विकास का पिटारा खोला गया। विभिन्न विकास कार्यों के लिए बजट बैठक में 46 करोड़ 21 लाख 47 हजार रुपये का बजट पारित किया गया। मेयर मनोज गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्त अधिकारी डा. तंजीम अली ने बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कांग्रेसी पार्षदों ने शहर की अनदेखी का आरोप लगाते हुए बजट बैठक का बहिष्कार किया। बोर्ड ने नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया के अनुरोध पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के कंपोस्ट प्लांट को चालू कराने के लिए बोर्ड फंड से 25 लाख रुपये केआरएल कंपनी को दिए जाने की भी हरी झंडी प्रदान कर दी है।
मंगलवार शाम को हुई बैठक में नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया ने सदन को बताया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की संशोधित डीपीआर शासन की स्वीकृति के लिए भेजी है। इसकी स्वीकृति के बाद शासन से पैसा मिलेगा जिससे बोर्ड फंड का 25 लाख रुपया लौटा दिया जाएगा। मेयर सहित पार्षदों ने केआरएल के काम को लेकर नाराजगी जताई। मेयर ने 25 अप्रैल तक शत-प्रतिशत घरों से कूड़ा एकत्रीकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश नगर आयुक्त को दिया और नहीं करने पर कंपनी से जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए। वर्ष 2012 में हटाए गए 46 संविदा सफाई कर्मचारियों ने दो बार सभागार में घुसकर बोर्ड बैठक बाधित की। मेयर मनोज गर्ग ने उन्हें एक महीने के अंदर बहाल कराने का आश्वासन देकर शांत किया।
पार्षद सतेंद्र वर्मा ने आठ साल से कर्मचारियों को लटकाए रखने का विरोध किया। नगर आयुक्त ने राजस्व वसूली के लिए कर्मचारियों की हवाला देते हुए संपत्ति कर की वसूली आउटसोर्सिंग से कराने का प्रस्ताव रखा, जिस पर मेयर ने प्रक्रिया शुरू करने को कहा। मेयर ने 5-5 लाख रुपये के विकास कार्य सभी वार्डों में कराने, पॉलिथीन कचरे का निस्तारण कराने के लिए सराय में भूमि दिए जाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि पॉलिथीन कचरे का निस्तारण के लिए केंद्र सरकार से 25 करोड़ रुपये नगर निगम को मिलेंगे। पार्षद राजेश शर्मा, अनिल मिश्रा, रवि धींगड़ा ने निर्माण कार्यों की जटिल कागजी प्रक्रिया का सरलीकरण करने की मांग की। सपना शर्मा ने स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग की। मेयर ने नए क्षेत्रों के लिए 2000 और एलईडी लाइट क्रय करने का निर्देश भी दिया है।
---------------
गबन के मामलों को भी रफा-दफा कराया
नगर निगम की अंतिम बजट बैठक में वित्त अधिकारी डा. तंजीम अली ने गबन की दो आडिट आपत्तियों को भी समाप्त कराने का प्रस्ताव बोर्ड से पास करा लिया है। उन्होंने बताया कि गबन की एक आडिट आपत्ति 1949 से और दूसरी 1989-90 से चली आ रही है। जिन कर्मचारियों के समय का यह मामला है वह अब हैं नहीं। इसलिए बोर्ड को ही इन आपत्तियों को समाप्त करने का अधिकार है। बोर्ड ने भी इसका प्रस्ताव पारित कर दिया हैै।
-------------
कर्मचारियों ने किया दो बार किया हंगामा
बजट बैठक शुरू होते ही वर्ष 2012 में छंटनी किए गए 46 संविदा सफाई कर्मचारी सदन के अंदर घुस आए और अपनी बहाली की मांग की। उनका कहना था कि उनकी बहाली का शासनादेश भी हो चुका है और अधिकारी जानबूझकर उन्हें बहाल नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर और शहरी विकास मंत्री कोरे आश्वासन दे रहे हैं। मेयर ने कहा कि उन्होंने बहाल करने का आदेश नगर आयुक्त को दे दिया है और नगर आयुक्त ने भी शासन को पत्र भेज दिया है। शहरी विकास मंत्री ने भी एक महीने के अंदर बहाल कराने का आश्वासन दिया है। एक बार बाहर जाने के बाद 20 मिनट के अंदर एक अन्य नेता के साथ कर्मचारी फिर से बोर्ड सभागार में घुस आए और हंगामा किया। पार्षद सतेंद्र वर्मा ने उनका समर्थन किया और उन्हें सदन में ही धरना देने के लिए कहा । इसके बाद मेयर ने फिर से उन्हें बहाल कराने का भरोसा दिया है। हंगामा करने वालों में बबीता, ममता, सोनिया, दीपक, रविंद्र, ममतेश, त्रिसला, राजकुमार, दीपक, कन्हैया, अरुण लहोट आदि शामिल थे।
-----------------
संविदा कर्मियों को मिलेगा प्रोत्साहन भत्ता
नगर निगम बोर्ड ने अपने संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों को दिए गए मेला भत्ता के स्थान पर प्रोत्साहन भत्ता देने का प्रस्ताव पारित कर किया है। इससे नगर निगम के लगभग ढाई सौ संविदा कर्मचारियों को लाभ होगा। पार्षद हेमा मिश्रा, सपना शर्मा, किरण देवी, वंदना गुप्ता, सतेंद्र वर्मा, अनिल मिश्रा, लखनलाल चौहान, मदन गोपाल, विजय शर्मा, रवि धींगडा, राजेश शर्मा आदि ने संविदा कर्मियों को प्रोत्साहन भत्ता दिए जाने का समर्थन किया।