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कोर्ट कमिश्नर ने बड़ौदा धर्मशाला का निरीक्षण किया

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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त दो सदस्यीय कोर्ट कमिश्नर दल ने शनिवार को बड़ौदा धर्मशाला विष्णुघाट का एचआरडीए के अधिकारियों और याची की उपस्थिति में निरीक्षण किया। इस दल को 13 मई को हाईकोर्ट में अपनी निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।
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दल के निरीक्षण के वक्त कुछ महिलाएं और व्यापारी एकजुट होकर पहुंचे और आरोप लगाया कि धर्मशाला में मरम्मत की आड़ में 80 फीसदी नया निर्माण किया गया है। याची की आसपास के लोगों और महिलाओं के साथ नोकझोंक भी हुई। महिलाओं ने तीन लोगों पर गाली-गलौच करने का आरोप लगाते हुए शहर कोतवाली में तहरीर दी है। एचआरडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त कोर्ट कमिश्नर एडवोकेट अजयवीर सिंह पुंडीर और एडवोकेट नीतू सिंह को अवैध निर्माण का निरीक्षण किया। निरीक्षण की वीडियो व फोटोग्राफी भी कराई गई। अब 13 मई को उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। उन्होंने बताया कि एचआरडीए ने अवैध निर्माण के विरूद्ध सीलिंग का आदेश पारित किया था। बृहस्पतिवार को मौके पर आदेश चस्पा कराया गया था। शुक्रवार को 11 बजे से पुलिस और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में सीलिंग की कार्रवाई की जानी थी। लेकिन, इससे पहले अवैध निर्माण के आरोपी ईश्वर दयाल कंसल उच्च न्यायालय की याचिका पर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के दावों की सत्यता की जांच के लिए दो कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए थे। याची ईश्वर दयाल का कहना है कि उन्होंने कोई नया निर्माण नहीं कराया है, बल्कि मरम्मत कराई है। इसके विपरीत एचआरडीए का आरोप है कि याची ने सिविल में किसी प्रकार का नवनिर्माण नहीं करने का अंडरटेकिंग दिया था। लेकिन, मरम्मत की आड़ में अवैध रूप से नया निर्माण किया जा रहा है। बड़ौदा धर्मशाला के दुकानदार संदीप गुप्ता के साथ विवेक भारद्वाज ने भी कोर्ट कमिश्नर को अवैध निर्माण के साक्ष्य उपलब्ध कराए। साथ ही नया और पुराना निर्माण भी दिखाया। एचआरडीए की ओर अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा के साथ एडवोकेट गोपाल कृष्ण शर्मा, सहायक अभियंता पंकज पाठक, अवर अभियंता उमापति भट्ट, पटीशनर ईश्वर दयाल कंसल, सरदार अर्जुन सिंह और अशोक कुमार मौके पर थे।
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