ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। गुरुकुल महाविद्यालय में महर्षि दयानंद का ऋषि बोधोत्सव में समाज से पाखंड को दूर करने और शिक्षा का व्यापक प्रचार प्रसार करने का संकल्प दोहराया गया।
महाविद्यालय परिसर स्थित उपासना मंदिर में हुए आयोजन को संबोधित करते हुए महाविद्यालय सभा के मंत्री विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि महर्षि दयानंद पाखंड को समूल नष्ट करना चाहते थे। मूर्ति पूजा के खिलाफ लोगों को जन जागृत करते हुए उन्होंने वेदों का व्यापक प्रचार प्रसार किया। उन्होंने दावा किया कि महर्षि दयानंद के सिद्धांतों का अनुशरण करते हुए गुरुकुल महाविद्यालय में वैदिक शिक्षा का प्रचार प्रसार जारी रखा जाएगा। गुरुकुल कांगड़ी विवि के श्रद्धानंद वैदिक शोध संस्थान के अध्यक्ष डा. सत्यदेव निग्मालंकार ने महर्षि दयानंद के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महज 14 साल की किशोरावस्था में ही बालक मूल शंकर को बोध ज्ञान हुआ था। जब वे शिवरात्रि पर व्रत रखकर मंदिर में पूजा कर रहे थे। तब मूर्ति पर चढ़कर बार बार प्रसाद खा रहे चूहे को देखकर उन्हें आभास हुआ कि पत्थर की मूर्ति में भगवान नहीं हो सकते और इसी आभास के चलते वे सत्य और शिव की खोज में निकल पड़े। बाद में स्वामी दयानंद के नाम से विख्यात हुआ। उन्होंने छात्रों को वेदों के प्रसार प्रसार और वैदिक शिक्षा के अनुशरण का संकल्प दिलाया। संस्था के मुख्य अधिष्ठाता बलवंत सिंह चौहान ने कहा कि गुरुकुल महाविद्यालय संस्कृत शिक्षा का बड़ा केंद्र है। इसकी साख लौटाने के लिए पुन: प्रयास किया जाएगा। डा. हरिगोपाल शास्त्री, आचार्य पंडिल हेमंत तिवारी, नंदलाल राणा, दिनेश चौहान, अजय कौशिक, कुलदीप चौधरी, अभिषेक चौहान, प्रफुल पांडे, धमेंद्र कुमार, कार्तिक, मोनू कुमार आदि ने भी विचार रखे। कवि डा. सुशील कुमार त्यागी अमित और डा. विजय कुमार त्यागी ने गीतों के माध्यम से महर्षि दयानंद की महिमा का बखान किया। इस दौरान गुरुकुल महाविद्यालय के सभी ब्रह्मचारी मौजूद रहे।
ब्रह्मचारियों के लिए मोबाइल फोन प्रयोग पर प्रतिबंध
हरिद्वार। गुरुकुल महाविद्यालय में आयोजित ऋषिबोधोत्सव के दौरान विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने अनुशासन पर बल देते हुए ब्रह्मचारियों के मोबाइल फोन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया शिक्षा में संस्कारों का तिरस्कार कर रही है। मोबाइल के माध्यम से बच्चें बिगड़ रहे हैं। इसलिए कोई भी बच्चा फोन का प्रयोग नहीं करेगा। परिजनों से बात करने के लिए केवल लैंडलाइन वाले फोन ही प्रयोग किए जा सकेंगे।