हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के परिसर में सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गुरुकुल महासम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद आर्य ने गुरुकुल शिक्षा का अंधविश्वास, आडंबर और जाति व्यवस्था समाप्त करने में अहम योगदान बताया। सम्मेलन में योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि आर्य समाज के सब संगठनों के एक मंच पर आते ही समाज के लोगों को राजनेताओं से किसी प्रकार भी भीख नहीं मांगनी होगी। उन्होंने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी आर्य समाज का मक्का मदीना है। महासम्मेलन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत नहीं पहुंचे।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के परिसर में विद्यालय विभाग में महासम्मेलन में कई संत, धर्माचार्य, विचारक और आर्य समाजी शामिल हुए। मुख्य अतिथि गंगा प्रसाद ने कहा कि अंधविश्वास के चलते दिल्ली में एक ही परिवार के 11 लोगों का फांसी पर लटक जाना सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। मैकाले की शिक्षा पद्धति के विरोध में स्वामी श्रद्धानंद ने वैदिक गुरुकुल शिक्षा पद्धति को आगे बढ़ाने का अतुल्य प्रयास किया। उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर महात्मा गांधी भी गुरुकुल आए। सम्मेलन में योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती ने हरिद्वार के कुंभ में आकर वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए पाखंड खंड़िनी पताका फहराई थी। स्वामी श्रद्धानंद ने इसी हरिद्वार में आकर गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना 1902 में की। अक्तूबर में दिल्ली में होने वाले सर्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के सम्मेलन से पहले आर्य समाज के सभी संगठनों को एक होना चाहिए। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान आर्यवेश ने कहा कि जीवन की शैली कैसी हो इसकी शिक्षा हमें गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति में मिल सकती है। शिक्षा पद्धति को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र भेजा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी प्रणवानंद महाराज और संचालन सर्वादेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री विट्ठराव आर्य ने की। इस अवसर हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीश्वरांनद , रानीपुर विधायक आदेश चौहान, सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के कोषाध्यक्ष माया प्रकाश त्यागी, स्वामी विवेकानंद सरस्वती, स्वामी धर्मानंद सरस्वती, गुरुकुल के मुख्यधिष्ठाता डॉ. दीनानाथ, नवनीत परमार, डॉ. जयदेव वेदालंकार, प्राचार्य डॉ. बिजेंद्र शास्त्री, छात्र संघ अध्यक्ष विक्रम भुल्लर सहित हजारों की संख्या में आर्य समाजी मौजूद थे।
बाबा रामदेव बने पाठ्यक्रम के प्रवक्ता
हरिद्वार। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान आर्यवेश ने सम्मलेन के दौरान गुरुकुलीय शिक्षा के पाठ्यक्रम को लेकर बाबा रामदेव को इसका प्रवक्ता बनाने की घोषणा भी की। सम्मेलन में मौजूद आर्य समाज के विद्वान अग्निवेश आदि ने गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति के पाठ्यक्रम को लेकर एक साथ कार्य करने की बात जोर दिया।
एक मंच पर आएगा आर्य समाज
हरिद्वार। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान आर्यवेश, स्वामी अग्निवेश और बाबा रामदेव ने आर्य समाज को एक मंच पर घोषणा की। स्वामी आर्यवेश और स्वामी अग्निवेश ने मंच पर संयुक्त रूप से आर्य समाज को संगठित करने के लिए जल्द से बाबा रामदेव से वार्ता करने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री के न पहुंचने पर उठे सवाल
हरिद्वार। महासम्मेलन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के न पहुंचने पर सवाल उठे। कार्यक्रम के शुभारंभ होने से पूर्व शाम 4 बजे मुख्मंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन एवं कार्यक्रम संयोजक भल्ला स्टेडियम में बनाए गए हेलीपैड पर उन्हें लेने के लिए पहुंच गए थे। करीब घंटे भर तक इंतजार करने के बाद जब वह नहीं आए तो विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने सचिवालय से जानकारी ली। लेकिन उन्हें सीएम के न पहुंचने का कोई कारण नहीं बताया गया। कार्यक्रम में उनके न पहुंचने से सभी मायूस हो उठे और उनके न पहुंचने पर तरह-तरह की चर्चा होती रही।