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विरोध के साथ टैक्स देने को राजी हुए धर्मशाला प्रबंधक

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। अपना विरोध जारी रखते हुए धर्मशाला प्रबंधक नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2015 से चार साल का आवासीय दर पर टैक्स देने को राजी हो गए हैं। इससे नगर निगम की आय में चार से पांच करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
धर्मनगरी में करीब 400 धर्मशालाएं हैं। मंगलवार को नगर निगम के सभागार में कर एवं राजस्व अधिकारी राहुल कैंथोला और राष्ट्रीय धर्मशाला सुरक्षा समिति तथा धर्मशाला प्रबंधकों के साथ बैठक हुई। ं बैठक में धर्मशाला प्रबंधकों ने कहा कि वह टैक्स का विरोध जारी रखते हुए सरकार पर शासनादेश वापस लेने का दबाव बनाएंगे। हालांकि फिलहाल वर्ष 2015 से लागू करारोपण की स्वकर नियमावली के अनुसार चार साल का टैक्स बिना ब्याज के जमा कर देंगे। कर एवं राजस्व अधीक्षक ने उनकी बात को मान लिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार की ओर से कोई राहत मिलती है तो जमा टैक्स को समायोजित कर लिया जाएगा। शासन ने धर्मशालाओं, आश्रमों व अखाड़ों पर करारोपण की नई नियमावली जारी करते हुए मंदिर, पूजा स्थल, सत्संग हॉल , स्टाफ आवास तथा संतों के निवास को कर मुक्त किया है। शेष भाग पर एक रुपये प्रतिवर्ग फीट की दर से टैक्स निर्धारित किया जाएगा। बैठक में गोपाल सिंघल, महंत श्यामपुरी, अवधेश, शिवकुमार, चंद्रप्रकाश शर्मा, श्रीनिवास पांडेय, जगदंबा तिवारी, रमेश भाई ठाकर, भोला दत्त जोशी, संजय त्यागी, भुवन चंद्र त्रिपाठी व घनश्याम सांखला आदि ने भाग लिया।
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शिविर लगाकर होगी वसूली
निर्णय लिया गया है कि नगर निगम धर्मशाला प्रबंधकों की सुविधा के लिए क्षेत्रवार शिविर लगाए जाएंगे। शिविर में स्वकर फार्म भरवाने में मदद करने के साथ ही टैक्स जमा कराने की व्यवस्था की जाएगी। कर एवं राजस्व अधीक्षक राहुल कैंथोला ने बताया पांच जुलाई को पंजाब एंड सिंध क्षेत्र भीमगोडा तथा नौ जुलाई को भाटिया भवन श्रवणनाथ नगर में शिविर आयोजित होंगे।
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