हरिद्वार।
गंगा को नहर घोषित करने से नाराज तीर्थ पुरोहित समाज ने हरकी पैड़ी पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य सरकार पर श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मां गंगा को नहर घोषित करना शास्त्र सम्मत नहीं है। मां गंगा करोड़ों हिंदुओं की आस्था और पौराणिक मान्यताओं की प्रतीक है। हरकी पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन व आचमन कर परिवारों की सुख समृद्धि की कामना करते हैं।
बुधवार को पुरोहित हरकी पैड़ी पर एकत्रित हुए और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सचिन लुतिया ने कहा कि सरकार हिंदु विरोधी मानसिकता का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को उस शासनादेश को निरस्त करना चाहिए जिसमें हरकी पैड़ी पर बहने वाली गंगा की धारा को नहर घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड की मान्यताओं के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुमार शंकर वशिष्ठ व नितिन कौशिक ने कहा कि मां गंगा के अस्तित्व से छेड़छाड़ सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिंदु हितों की बात करने वाली सरकार धर्म विरोधी निर्णय लेकर गलत नीति पर चल रही है। जिसे किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाएगा। सिद्धार्थ चक्रपाणी और नितिन गौतम ने कहा कि पुरोहित समाज के लोग शीघ्र ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर अपनी बात रखेंगे। विरोध प्रदर्शन करने वालों में कुमार शंकर वशिष्ठ, प्रदीप निगारे, अनुराग, राजु गढ़वाली, धीरज पचभैया, नीरज, विमल, सोनू, मोहित, राजकुमार, भोला, निर्मल, उमेश आदि शामिल थे।