ब्यूरो/अमर उजाला, बहादराबाद
कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रुड़की (कोर) में आईआईटी के सहयोग से एनपीटीएल (प्रौद्योगिकी वर्धित शिक्षण)’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने शिक्षा की उच्च गुणवत्ता पर बल दिया गया।
मुख्य अतिथि उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डा. अनीता रावत ने अपने संबोधन में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को अति महत्वपूर्ण बताया। आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर बीके गांधी ने कहा कि आज तकनीकी इतनी बढ़ चुकी है कि उच्च शिक्षा का लाभ एनपीटीईएल कोर्सेज के द्वारा बिना किसी खर्च के किसी स्थान प्राप्त किया जा सकता है। इन कोर्सेज के सफल अध्ययन के उपरांत विश्व स्तर पर मान्य प्रमाण भी प्राप्त किया जा सकता है।
कोर के डीन डा. बीएम सिंह ने बताया कि 2003 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बंगलूरू के साथ सात भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर, खड़गपुर ,मद्रास, गुवाहाटी और रुड़की) की ओर से प्रौद्योगिकी वर्धित शिक्षण पर राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया गया था। अब सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग , इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में वेब/वीडियो प्रारूप में पाठ्यक्रम विकसित कर इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। कार्यशाला में देशभर के दो सौ से अधिक लोगों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। इस मौके पर कोर के महानिदेशक डा. एसपी गुप्ता, डॉ निवेदिता बिसोई, भूपाल आर्य, सोहनलाल, विनीत चौहान, डॉ मृदुला, दिव्या मिश्रा आदि मौजूद रहे।