अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
चकबंदी कानून में फंसे हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार ने चकबंदी कानून में संशोधन किया है। रानीपुर के विधायक आदेश चौहान इस बारे में लंबे समय से प्रयासरत थे। अब एक साल के अंदर सर्किल रेट से पांच फीसदी रकम अदा कर लोग अपने भूखंड को विधि मान्य करा सकेंगे। इसका लाभ पूरे प्रदेश के लोगों को मिलेगा।
विधायक आदेश चौहान ने सोमवार को एक होटल में पत्रकार वार्ता में बताया कि वह पिछली कांग्रेस सरकार के समय से चकबंदी कानून से निजात दिलाने की लड़ाई लड़ रहे थे। क्षेत्र के जगजीतपुर, सीतापुर एवं सुभाषनगर और आसपास की कई अन्य कालोनियां इस कानून की जद में हैं। इससे आमजन की गाढ़ी कमाई से खरीदी गई भूमि राज्य सरकार में निहित हो रही थी। अब सीएम त्रिवेंद्र रावत के निर्देश पर चंकबंदी कानून में फंसे जिले के करीब चार हजार लोगों को राहत मिलेगी। एक साल के अंदर आमजन अपने अपने भूखंड का सर्किल रेट के हिसाब से पांच प्रतिशत शुल्क जमा कर अपनी संपत्ति को विधि मान्य करा सकेंगे। विधायक ने इसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार जताते हुए शीघ्र उनके सम्मान में आभार समारोह आयोजित करने की बात कही। विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र में कराए गए एवं कराए जा रहे विकास कार्यों का भी ब्यौरा रखा। इस दौरान प्रदेश के सह मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश जमदग्रि, रानीपुर मंडल के अध्यक्ष उपेंद्र शर्मा, महामंत्री अशोक मेहता, बहादराबाद मंडल के अध्यक्ष वीरेंद्र बोरी , महामंत्री चमन चौहान, अजय मलिक, तुषार गौड़ आदि मौजूद थे।
सुभाषनगर में चला था कई दिनों तक आंदोलन
हरिद्वार। चकबंदी कानून की जद में आने से परेशान सुभाषनगर वासियों को इंसाफ दिलाने के लिए महिला नेता राखी सजवाण और रैना शीर्षवाल के नेतृृत्व में कालोनीवासियों ने काफी दिनों तक आंदोलन किया था। पहले रैना शीर्घवाल ने और बाद में राखी सजवाण ने आमरण अनशन किया था। इस दौरान कई बार कालोनीवासियों का प्रशासन से टकराव भी हुआ था।